
बीना. सिविल अस्पताल का निरीक्षण शुक्रवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर नाराजगी जताई। साथ ही व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर से गर्भवती महिला के परिजन ने यूरिन, सोनोग्राफी जांच बाहर से कराने की शिकायत की थी, जिसपर उन्होंने बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा कटारे को फटकार लगाई। इसके बाद लैब टेक्नीशियन रवि बौद्ध और जांच करने के लिए नियुक्त की गई साइंस हाउस एजेंसी के कर्मचारी को बुलाकर नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमचओ देवेश पटैरिया को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की जांच कर गलती पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करें। इस दौरान एक गर्भवती महिला का वजन, हीमोग्लोबिन कम होने के बाद भी जांच कार्ड पर हाईरिस्क प्रेगनेंसी नहीं लिखा था, जिसपर नाराजगी जताते हुए डॉक्टर को निर्देश दिए। उन्होंने प्रसूति वार्ड का निरीक्षण कर वहां भर्ती महिलाओं से खाना, उपचार आदि सुविधाओं पर चर्चा की। कलेक्टर ने अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए एसडीएम आशीष कुमार को निरंतर निरीक्षण करने के लिए कहा।
कलेक्टर ने कृषि उपज मंडी परिसर देखा और जानकारी ली। उन्होंने बताया कि परिसर छोटा होने से परेशानी हो रही है और मंडी को करीब 25 से 30 एकड़ में शिफ्ट करने आसपास जमीन तलाशी जा रही है। इस दौरान किसानों ने मंडी में गंदगी और साफ पानी न मिलने की शिकायत की, जिसपर उन्होंने सचिव को व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देशित किया। किसानों ने डीएपी खाद की कमी होने की भी बात रखी, जिसपर उन्होंने डीएपी के अलावा अन्य खादों को लेने की बात कही।
सौ बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कराने के लिए उन्होंने रेलवे बाईपास पर स्टार होम्स कॉलोनी की पीछे नगर पालिका की खाली पड़ी पांच एकड़ जमीन देखी और पूरी जानकारी ली। उन्होंने एसडीएम से कहा कि कॉलोनी में से जो सीधा पहुंच मार्ग है, उसके लिए कॉलोनाइजर से दानपत्र लिखवाए, जिससे भविष्य में कोई परेशानी न हो। पूरी प्रक्रिया होने के बाद उस जगह अस्पताल बनाने का निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि चार वर्ष पूर्व भी इसी जगह का तत्कालीन कलेक्टर ने निरीक्षण किया था, लेकिन रास्ता सही न होने पर निर्माण की अनुमति नहीं दी थी।