
खेत में काटी जा रही कॉलोनी। फोटो-पत्रिका
बीना. खुरई नगरीय क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का जाल तेजी से फैल रहा है। कॉलोनाइजर लोगों को सड़क, नाली सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं देने का भरोसा देकर महंगे दामों पर प्लॉट बेच रहे हैं, लेकिन बाद में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलता। अब नगर पालिका ने 108 कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
दरअसल नगरीय क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अवैध कॉलोनियों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोग किसानों को जमीन के बदले अधिक राशि देने का लालच देकर उनकी भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉटिंग कर रहे हैं। सरकारी अनुमतियां लिए बिना आवासीय प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। इन प्लॉटों की कीमत भी सरकारी दरों से कई गुना अधिक बताई जा रही है। प्लॉट खरीदने के दौरान लोगों को सड़क, नाली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन कॉलोनी विकसित होने के बाद व्यवस्थाएं नहीं मिलतीं। इसका खामियाजा अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट या मकान खरीदने वाले परिवारों को भुगतना पड़ता है। बारिश यह कॉलोनी नरक बन जाती हैं।
नगर पालिका और राजस्व विभाग के संयुक्त सर्वे में सामने आया कि कई स्थानों पर कॉलोनी विकास की अनुमति नहीं ली गई है और न ही आवश्यक विकास कार्य कराए गए हैं। कुछ कॉलोनाइजरों के पास इसकी बिक्री करने के लिए जरूरी लाइसेंस भी नहीं है। नगर पालिका पहले भी अवैध कॉलोनियों को लेकर नोटिस जारी कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्लॉटिंग पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।
नगर पालिका ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पत्र के आधार पर चिन्हित 108 अवैध कॉलोनियों से संबंधित सूची पुलिस को भेजी है। पत्र में संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियमों के तहत लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए लिखा है।
नगरीय क्षेत्र में अवैध रूप से प्लॉटिंग करने वाले 108 कॉलोनाइजरों के नाम पुलिस को दिए गए हैं। इसकी प्रतिलिपि कलेक्टर को भी भेजी गई है। अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजेश मेहतेले, सीएमओ, खुरई
Updated on:
21 Oct 2026 12:24 pm
Published on:
21 Oct 2026 12:24 pm
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