
सागर. तहसीलदार-नायब तहसीलदारों की हड़ताल (सामूहित अवकाश) आपात स्थिति में जी का जंजाल बन गई। जहर खाकर हुई एक महिला के मृत्यु के बाद हड़ताल की वजह से नायब तहसीलदार ने पंचनामा बनाने से इंकार कर दिया, इस वजह से महिला का शव एक दिन मर्चुरी में रखा रहा, और दूसरे दिन सीएसपी ने पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम हो सका। दरअसल गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र के सिंगपुर कला के निवासी ब्रजेश कुर्मी की पत्नी पुष्पा को जहरीला पदार्थ खाने के कारण १२ जून को गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान उसकी सांस थम गई। नवविवाहिता का मामला होने के कारण उसे डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। शाम करीब ५ बजे परिजन अस्पताल चौकी पहुंचे और पोस्टमार्टम कराने की अपील की। पुलिसकर्मियों से पंचनामा कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार राजेश कोष्टी को सूचना दी,तो उन्होंने अवकाश के कारण वहां आने से इनकार कर दिया। इसकी सूचना चौकी से सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम को भी दी गई, लेकिन शाम ढलने तक पंचनामा कार्रवाई न होने से पोस्टमार्टम भी टल गया। इस बीच परिजन और पुलिसकर्मियों में जमकर बहस भी हुई। सुबह १३ जून को पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया तो सीएसपी आरडी भारद्वाज जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने पंचनामा कार्रवाई को पूरा कराया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम कराते हुए परिजनों को सौंपा गया।
इधर, इंतजार करते रहे परिजन
इसी तरह एक अन्य मामला में ११ जून को भानगढ़ थाने के हिन्नौद निवासी भरत केवट की नव विवाहिता पत्नी भारती को परिजन आग से झुलसी हालत में जिला अस्पताल लेकर आए थे। मरणासन्न कथन के लिए चौकी पुलिस ने मजिस्ट्रेट को खबर दी, लेकिन १२ जून से हड़ताल पर होने से भारती के परिजन भी पंचनामा कार्रवाई और पोस्टमार्टम के लिए घंटों इंतजार करते परेशान होते रहे।