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बीना स्टेशन पर 15 अक्टूबर तक पूरा होना था प्लेटफॉर्म नंबर पांच का निर्माण, नहीं हो सका पूर्ण, अधूरे प्लेटफॉर्म पर ही शुरू कर दिया ट्रेनों का संचालन

कागजों में पूरा बीना में यार्ड रीमॉडलिंग, धरातल पर अब भी अधूरा काम, प्लेटफॉर्म निर्माण में हो रहा घटिया सामग्री का उपयोग, अधिकारी लगातार कर रहे निरीक्षण, लेकिन नहीं हो रही कार्रवाई
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सागर

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sachendra tiwari

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Updated: 2 Nov 2026, 12:15 PM IST

The construction of platform number five at Bina station was scheduled to be completed by October 15

प्लेटफॉर्म में लगाए जा रहे टूटे ब्लॉक। फोटो-पत्रिका

बीना. रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के दावों और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर नजर आ रहा है। करीब दो महीने तक प्री-टू-प्री इंटरलॉकिंग, प्री-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग के नाम पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा, लेकिन इसके बाद भी प्लेटफॉर्म निर्माण सहित कई काम अधूरे हैं। पांच नंबर प्लेटफॉर्म को 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन एक नवंबर तक भी यहां काम जारी है। इसके बावजूद अधूरे प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्लेटफॉर्म के निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल

स्टेशन पर चार और पांच नंबर प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने का काम किया जा रहा है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म के फाउंडेशन में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और कई जगह टूटे हुए ब्लॉक लगाए गए हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। यदि इन ब्लॉकों पर अधिक दबाव पड़ता है, तो इनके टूटने का खतरा बना रह सकता है। रेलवे अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर सुधार कराना चाहिए।

अधूरे हिस्से में यात्रियों के गिरने का खतरा


पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद भी पीछे के हिस्से में निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में कोच से उतरने या चढ़ने वाले यात्रियों के लिए परेशानी और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। विशेषकर भीड़ के दौरान जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। सवाल यह है कि निर्माण कार्य पूरा किए बिना संचालन शुरू करने से पहले यात्रियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

पाइंट फेल होने से भी बढ़ रही परेशानी

यार्ड रीमॉडलिंग के बाद भी कई जगह पाइंट में खराबी आने और सुधार कार्य जारी रहने की बात सामने आ रही हैं। वहीं, सीआरएस के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने का काम भी किया जा रहा है। दीपावली के लिए हजारों यात्री अपने घर जा रहे हैं। ऐसे समय में ट्रेनों की देरी और निर्माण कार्यों के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सवाल है कि रेलवे अधूरे काम कब पूरा करेगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कब ठोस कदम उठाएंगे।