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किसानों के साथ ठगी का खेल! बिना लाइसेंस बेच रहा था खाद, बीना में कृषि विभाग की जांच में खुली पोल

Substandard DAP : बीना में इफको के नाम पर अमानक DAP खाद बेचने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच में 20 बोरियां अमानक मिलीं। बिना लाइसेंस खाद बेचने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
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सागर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 2 Nov 2026, 8:56 PM IST

Substandard DAP

अमानक खाद मिलने पर एफआईआर दर्ज (फोटो सोर्स: Patrika)

Sagar News :मध्य प्रदेश के सागर जिले के अंतर्गत आने वाले बीना के ग्राम पड़रिया में प्रशासन की ओर लगातार की जा रही कार्रवाई के बीच अमानक खाद बेचने के मामला सामने आया है। कार्रवाई के बाद पकड़ी गई खाद अमानक पाए जाने के बाद सोमवार को बीना पुलिस ने मामले में आरोपी शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आपको बता दें कि, कृषि विभाग ने पिछले महीने ये कार्रवाई करते हुए खाद के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। जांच में खाद के अमानक होने की पुष्टि हुई है।

कृषि विभाग में पदस्थ उर्वरक निरीक्षक दीपेश पिता प्रकाश राव मोघे ने द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। 14 अक्टूबर को कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम पड़रिया में निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान सुरेन्द्र सिंह उर्फ संजू ठाकुर पिता मालक सिंह के निवास पर 20 बोरी डीएपी खाद मिला था। इस संबंध में भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किए गए और खाद अन्य ग्रामों के किसानों को अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था। खाद की बोरी पर इफको लिखा था और आमनक होने की आशंका पर सैंपल प्रयोगशाल भेजे गए थे, जो अमानक निकला है।

कई धाराओं में मामला दर्ज

किसानों से ठगी, धोखाधड़ी करने, बिना टोकन, बिना किसी लाइसेंस और अमानक खाद बेचने पर धारा 5, 7, 19, 35 उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार हेमराज मेहर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय, कृषि विस्तार अधिकारी अजहर, अभिषेक कौशिक, सचिन चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।

पक्के बिल के बिना न खरीदे खाद- कृषि विभाग

कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि बिना टोकन बुक किए खाद न लें। साथ ही अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें और खरीदते समय पक्काबिल जरूर लें। क्योंकि अमानक खाद से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।