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Dhar : ‘पापा उठ जाओ.. मम्मी बार-बार बेहोश हो रही हैं..’ मासूम बेटे की बातें सुनकर हर कोई रो पड़ा

Dilip Puri Last Rites : 'पापा उठ जाओ.. आपको इस तरह देखकर मम्मी बार - बार बेहोश हो रही हैं।' ये शब्द उस मासूम बच्चे के हैं, जिसके पिता खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अब कभी नहीं लैटेंगे।
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धार

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 2 Nov 2026, 7:01 PM IST

Dilip Puri Last Rites

पिता के पार्थिव देह के पास बिलखते मां-बेटे (फोटो सोर्स: patrika)

Dhar News : बीती रात पुलिस की वर्दी पहनकर घर से निकले देवास के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पूरी आज सोमवार को तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटे। पिता को इस तरह घर आता देख महज 8 साल के मासूम बेटे और पत्नी को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। हालात ये बने कि, अपने पति का पार्थिव देह देखते ही पत्नी बेहोश हो गई। वहीं रोते बिलखते हुए बेटा पिता के पास आकर बैठा और बड़ी मासूमियत से बोला कि, 'पापा उठ जाओ.. आपको इस तरह देखकर मम्मी बार - बार बेहोश हो रही हैं।' शायद उस नन्ही जान को ये समझ ही नहीं आ रहा होगा कि, अब उसके पिता कभी नहीं उठ सकेंगे। प्रदेश के माफियाओं ने उस मासूम के सिर से पिता का साया छीन लिया है।

हालात ये रहे कि, जैसे - तैसे दिलीप पूरी की पत्नी को उनके परिजन उठाते वो अपने पति को देखकर फिर बेहोश हो जा रही थीं। ये सदमा कितना अहसनीयता था इसका अंदाजा उस बच्चे और उसकी विधवा मां को देखकर लगाया जा सकता था। उनका विलाप वहां मौजूद किसी से भी सहन नहीं हो रहा था। भीड़ में शामिल कई स्थानीय लोग और परिजन फूट-फूट कर रोते नजर आ रहे थे। जबकि, हर किसी की आंखे नम थीं।

'जब तक सूरज चांद रहेगा…'

इस गमगीन माहौल में अचानक लोगों के बीच दिलीप पुरी की अंतिम यात्रा शुरु हुई और आवाजें गूंजने लगीं कि, 'जब तक सूरज चांद रहेगा, दिलीप पुरी जी का नाम रहेगा…।' दिलीप पुरी की अंतिम विदाई में शामिल हर किसी की आंखें नम थी। देवास एसपी आदित्य मिश्रा खातेगांव विधायक आशीष शर्मा, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की।

पुलिस महकमें ने खो दिया मजबूत सिपाही

शहीद टीआई दिलीप पुरी की अंतिम विदाई के वक्त माहौल काफी भावुक नजर आया। दिलीप पुरी का पूरा गांव तो गमगीन था ही, अंतिम यात्रा में शामिल देवास एसपी भी भावुक नजर आए। नजारा देखकर लग रहा था, मानों पुलिस महकमें ने आज अपने एक मजबूत सिपाही को खो दिया।

शहीद के गांव में पसरा मातम

शहीद दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के बरमंडल गांव में रहते थे। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी किसान हैं। उनके छोटे भाई इंदौर में प्राइवेट नौकरी करते हैं।

पुलिस चैकिंग के दौरान गई जान

बता दें कि, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ नेमावर रोड हाईवे पर चेकिंग पर थे। उन्हें अवैध शराब से भरे ट्रक की जानकारी मिली थी, जिसके चलते उन्होंने चेकिंग अभियान चलाया था। पुलिसकर्मी संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक अवैध शराब के ट्रक को रोकने की कार्रवाई की गई। आरोप है कि, ट्रक चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी, जिसके बाद ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया और उसका पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। दिलीप पुरी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।