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पूरा होगा 16 साल पुराना सपना, इंदौर से धार तक 130 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेन, सामने आई तारीख

Indore-Dahod rail line: इंदौर से धार जाने वाले यात्रियों का 16 साल का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। रेलवे ने 47 किलोमीटर ट्रैक पर ट्रेन चलाने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
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धार

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Akash Dewani

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Updated: 30 Oct 2026, 11:10 AM IST

indore-dahod rail line indore to dhar train 130 speed crs inspection

Indore-Dahod rail line: इंदौर से धार तक 130 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेन (फोटो सोर्स- Patrika)

Indore to Dhar train: 16 साल का इंतजार अब आखिरी पड़ाव पर है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना (Indore-Dahod rail line) के तहत टीही से धार के बीच रेल दौड़ाने की तैयारियां तेज हो गई है। करीब 47 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर पटरियां बिछाने के साथ विद्युतीकरण और सिग्नल संबंधी काम पूरा हो चुका है। अब ट्रैक की मजबूती, पटरियों के लेवल, बिजली के तारों और सुरक्षा इंतजामों को परखने के लिए रेलवे ने युद्धस्तर पर कवायद शुरू कर दी है। गुरुवार को धार रेलवे स्टेशन पर पावर वैगन इंजन पहुंचा। इसकी मदद से प्लेटफॉर्म और स्टेशन क्षेत्र में लगे विद्युत तारों की जांच की गई, वहीं इंजीनियरों की टीम ट्रैक पर पटरियों का लेवल चेक करती रही। रेलवे के लिए अगले कुछ दिन बेहद अहम है। शुक्रवार से निरीक्षण और टेस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद 4, 5 और 6 नवंबर को रेलवे के मुख्य अधिकारियों की टीम सीआरएस निरीक्षण करेगी। इस दौरान ट्रैक, विद्युतीकरण, सिग्नल और सुरक्षा से जड़े जुड़े इंतजामों इंतजाम इंतजामों की बारीकी से जांच होगी। निरीक्षण में सब कुछ मानकों के अनुरूप मिलने पर टीही से धार के बीच रेल संचालन की दिशा में अगला कदम बढ़ सकेगा।

एक सप्ताह तक चलेगी टेस्टिंग, 130 की रफ्तार से भी दौड़ेगी ट्रेन

रेलवे ट्रैक की टेस्टिंग के लिए अगले सात दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे है। शुरुआती चरण में पावर वैगन इंजन और डीआरएम स्पेशल के जरिए ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा। रेलवे की योजना के अनुसार सुबह 8 से रात 9 बजे तक परीक्षण संबंधी गतिविधियां चलेंगी। शुरुआती जांच के बाद अंतिम चरण में 16 कोच वाली ट्रेन को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था परखी जाएगी। रेलवे अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। बिजली की लाइन, सिग्नल और ट्रैक के आसपास की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। रेलवे ने आमजन से अपील की है कि परीक्षण के दौरान पटरियों के पास नहीं जाएं। तेज रफ्तार से ट्रेन चलाने के दौरान ट्रैक के नजदीक जाना जानलेवा हो सकता है।

98% काम पूरा, स्टेशन को आधुनिक लुक

धार रेलवे स्टेशन का करीब 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लगभग 700 मीटर क्षेत्र में तीन प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। अब अंतिम चरण में यात्रियों की सुविधाओं और स्टेशन के सौंदर्यीकरण पर जोर है। वेटिंग एरिया, टिकट घर, सुरक्षा निगरानी सिस्टम, सुविधाघर सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। है। रेलवे रेलवे अधिकारियों का लक्ष्य शेष काम को अगले 10 दिनों में पूरा करने का है। स्टेशन को धार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोडने का प्रयास भी किया गया है। प्रवेश द्वार पर राजा भोज की आकृति और अंदरूनी दीवारों पर भोजशाला, आदिवासी लोकनृत्य, भित्तिचित्र, जंगल और नदी के दृश्य उकेरे गए हैं। उद्देश्य यह है कि धार आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर ही क्षेत्र की विरासत और लोक संस्कृति की झलक मिले।

'16 साल के संघर्ष के बाद सपने के सच होने का समय'

रेल लाओ समिति के अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल ने कहा कि आजादी के बाद से धार रेल सुविधा से अछूता रहा है। पिछले 16 साल से रेल लाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। अब वह समय करीब आ गया है, जब लोगों का सपना पटरी पर दौड़ती रेल के रूप में साकार होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से धारवासी इस दिन का इंतजार कर रहे थे और अब तैयारियों को देखकर उम्मीदें मजबूत हुई हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इंदौर से धार के बीच ट्रेन संचालन 15 नवंबर के बाद से शुरू हो जाएगा।