एड्स: 211 दिनों 300 पेशेंट आये सामने, समलैंगिकता बन रही बड़ी वजह

अब 18 से 30 साल के युवा भी इस रोग की चपेट में, 70 फीसद रोगियों में वजह बन रही समलैंगिकता। सेंटर में कई एड्स रोगियों ने गलत मोबाइल नंबर लिखवा दिया है।

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Oct 30, 2015
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सागर।सागर में हर रोज एड्स का नया रोगी सामने आ रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 211 दिनों में 300 नए रोगी सामने आ चुके हैं, जिनका उपचार मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में संचालित एआरटी सेंटर में किया जा रहा है। उधर, जिले में अब तक 752 एड्स रोगियों का पता लगाया जा चुका है, जिनमें 70 फीसद में एड्स की वजह समलैंगिक संबंधों के रूप में सामने आई है।

इतना ही नहीं जिले का बीना, खुरई, देवरी व मालथौन इलाका डेंजर जोन की तरफ बढ़ रहा है, जहां से सर्वाधिक रोगी सामने आए हैं। विदित हो कि असुरक्षित यौन संबंध, नशे की सुईयों का एक से अधिक बार प्रयोग व ब्लड ट्रांसफ्यूजन में गड़बड़ी की वजह एड्स के प्रमुख कारणों में शामिल है।


हर वर्ग चपेट में
वर्तमान में हर वर्ग एड्स की चपेट में है। पहले सेक्स वर्कर समेत कुछ अन्य वर्गों में ही इस बीमारी का पता चलता था, लेकिन अब सभी वर्गों में इसका संक्रमण देखा जा रहा है। एड्स से पीडि़त महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है। नि:शुल्क सुविधा के बावजूद कई मरीज समय पर दवाएं लेने नहीं पहुंच रहे हैं।

दे दिया गलत नंबर
सेंटर में कई एड्स रोगियों ने गलत मोबाइल नंबर लिखवा दिया है। एक-दो बार दवा लेने के बाद वे अब सेंटर की ओर झांकने नहीं आ रहे हैं। सेंटर द्वारा ऐसे रोगियों को डिफाल्टर की सूची में डाल दिया है। उनकी खोज खबर ली जा रही है ताकि उपचार को नियमित किया जा सके। जिले में डिफाल्टर रोगियों की संख्या 2 प्रतिशत है।

इस वित्तीय वर्ष में अब तक एड्स के 300 नए रोगी सामने आ चुके हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह रोग तेजी से पैर पसार रहा है। जिले के ज्यादातर एड्स रोगी समलैंगी संबंधों से बीमारी की पीड़ा झेल रहे हैं।
डॉ. शिखा अग्रवाल, प्रभारी, एआरटी सेंटर, मेडिकल कालेज

एड्स ने उम्र की सीमाएं तोड़ दी हैं। पहले 35-40 वर्ष उम्र के लोगों में पाया जाने वाला यह रोग अब 18 से 30 वर्ष उम्र के युवाओं में ज्यादा देखा जा रहा है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।
डॉ. आरके दीक्षित, प्रभारी, एआरटी सेंटर, जिला चिकित्सालय
Published on:
30 Oct 2015 03:21 pm
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