सागर

प्रेसवार्ता: मकान तोड़ने की उच्च स्तरीय न्यायायिक जांच कराने की मांग

सागर रेलवे गेट पर बने अंडरब्रिज से रेलवे लाइन किनारे का पिछले दिनों हटाया गया है अतिक्रमण, लोगों का आरोप रेलवे ने नजूल की जगह से भी हटाया अतिक्रमण

2 min read
Jun 14, 2026
Press Conference: Demand for a high-level judicial inquiry into the demolition of the house.
प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए। फोटो-पत्रिका

बीना. सागर गेट स्थित अंडरब्रिज के पास से रेलवे लाइन किनारे बने मकानों को रेलवे ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया है। इस मामले में कांग्रेस के विधानसभा सह प्रभारी महेंद्र कुमार नवैया और जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस ग्रामीण एड. उमा महेंद्र नवैया ने प्रेसवार्ता कर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि रेलवे और प्रशासन की कार्रवाई से करीब 40 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिसमें दलित, अल्पसंख्यक, मजदूर, विधवा, बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार शामिल हैं। इस मामले में उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका दायर की गई है। साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली, कलेक्टर, एसडीएम, जीएम पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, डीआरएम से शिकायतें की हैं। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जीवन एवं संपत्ति से जुड़े मामले में 48 घंटे के भीतर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन रेलवे ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई और इसी बीच मकानों को तोड़ दिया गया। यदि किसी सक्षम न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई हुई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही रेलवे यह भी स्पष्ट करे कि किस वर्ष के नक्शे और अभिलेखों के आधार पर सीमांकन किया है। क्योंकि कई प्रभावित परिवारों के पास रजिस्ट्री, पट्टे, नजूल अभिलेख, नगर पालिका की कर रसीदें, बिजली और पानी कनेक्शन के दस्तावेज उपलब्ध हैं। यदि भूमि रेलवे की थी तो नगर पालिका करीब 60 वर्षों से कर किस आधार पर वसूल रही थी, इसकी जांच की जाए। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, रेलवे की आगे की कार्रवाई रोकी जाए, वर्ष 1886-1889 के मूल रिकॉर्ड के आधार पर पुन: सीमांकन कराया जाए, संयुक्त सर्वे कराया जाए। इस अवसर पर अशोक परिहार, ओमप्रकाश पंजाबी पासू, नरेंद्र ठाकुर, प्रमोद राय सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। एक सप्ताह में मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

बीस फीट चौड़ा मार्ग छोड़ा जाए
इसके अतिरिक्त जिन मकानों का निकास रेलवे लाइन की तरफ हैं, उनके लिए कम से कम 20 फीट चौड़ा मार्ग छोडकऱ पक्की सडक़ बनाई जाए। प्रभावित परिवारों को पेयजल, बिजली, शौचालय आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रत्येक प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा, वैकल्पिक भूखंड उपलब्ध कराने की मांग की है।

Published on:
14 Jun 2026 11:51 am