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समिति प्रबंधक ने बारिश से नहीं बचाया गेहूं, 400 क्विंटल गेहूं हुआ खराब, 10 लाख 50 हजार की शासन को हुई क्षति

जांच के बाद समिति प्रबंधक को कलेक्टर ने नोटिस किया जारी, प्रबंधक ने परिवहनकर्ता की बताई थी लापरवाही, जांच में सच्चाई आई सामने

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The society manager failed to protect the wheat from the rain, resulting in the spoilage of 400 quintals and a loss of ₹10.5 lakh to the government.

खराब हुआ गेहूं। फोटो-पत्रिका

बीना. बीना ईटावा समिति प्रबंधक अनुज मिश्रा ने परिवहन न होने पर गेहूं खराब होने की शिकायत कलेक्टर से की थी। इसके बाद एसडीएम ने जांच दल गठित किया था। जांच दल ने की रिपोर्ट में प्रबंधक की कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसको लेकर कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब में मांगा है।
जानकारी के अनुसार वेयरहाउस बिहरना में रखे गेहूं की जांच करने पर पाया गया की करीब 800 बोरियां रोड पर रखी पाई गईं। साथ ही गोदाम नंबर दो पर 3011 बोरियां प्लेटफॉर्म पर और गोदाम नंबर 8 पर करीब 1000 बोरियां रखी पाई गईं, सभी जगह खुले आसमान के नीचे ही बोरियां रखी थीं। समिति प्रबंधक ने इस संबंध में बताया था कि 17 हजार 363 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है, लेकिन 13 हजार 490.5 क्विंटल भंडारण किया जाना पाया गया। 5 जून तक शेष मात्रा 3 हजार 872.5 क्विंटल का भंडारण हेंडिंलिंग चालान, टीसी नहीं बनाई गई, जिससे किसानों के भुगतान में देरी हुई। साथ ही अमानक स्तर की खरीदी किए जाने के कारण 1246.26 क्विंटल गेहूं जांच पूर्व भी सर्वेयर ने फेल कर दिया गया था। गोदाम नंबर 2 पर रखी 800 बोरी खुले आसमान के नीचे बिना थप्पी लगाए रखा गया था, जिससे बारिश होने से गीला हो गया और समय पर अपग्रेडेशन न होने पर फफूंद लगने से दुर्गंध आने लगी है। जांच के दौरान तीन सैंपल लिए गए थे। एक सैंपल सर्वेयर सुपवाईजर सुमित सोनी को जांच के लिए दिया गया था। आरबी एसोसिएट कंपनी के सर्वेयर की जांच रिपोर्ट के अनुसार गेहूं अमानक स्तर का पाया गया है। साथ ही गेहूं की बोरियों पर किसान कोड और किसान की अन्य जानकारी व टैग भी नहीं मिले और 14 मई से किसी भी किसान का भुगतान नहीं हुआ है। बारिश से गेहूं बचाने के उपाय न होने से 400 क्विंटल गेहूं खराब हुआ है, जिससे समर्थन मूल्य के अुनसार 10 लाख 50000 रुपए की क्षति शासन को हुई है, जो केन्द्र प्रभारी से वसूली योग्य है। उपार्जन नीति अनुसार दायित्वों के निर्वाहन में घोर लापरवाही पाए जाने पर तीन दिन में जवाब मांगा है और जवाब न देने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

पोर्टल पर नहीं दी जानकारी
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि 3000 बोरी गेहूं का परिवहन श्री राम वेयरहाउस रखवाया था। समिति ने ऑनलाईन पोर्टल अनुसार एफएक्यू और नॉन एफएक्यू नहीं किया है।