
मकान गिराते हुए। फोटो-पत्रिका
बीना. सागर गेट स्थिति अंडरब्रिज के पास से रेलवे की जमीन पर वर्षों से बसे परिवारों के आशियानों पर बुधवार सुबह रेलवे का बुलडोजर चलने से कई लोग बेघर हो गए। बीना-कटनी तीसरी रेल लाइन परियोजना और रेलवे भूमि की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित बाउंड्रीवॉल निर्माण के तहत रेलवे प्रशासन ने करीब सात पक्के और 20 से अधिक कच्चे मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई परिवारों के सिर से छत छिन गई और वह खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हो गए।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार संबंधित क्षेत्र में लंबे समय से अतिक्रमण था। प्रशासन ने पहले नोटिस जारी कर लोगों से स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा था। इसके बाद तीन दिन पूर्व सीमांकन कर अंतिम नोटिस भी दिए गए, लेकिन निर्धारित समय तक मकान नहीं हटाए गए। इसके चलते बुधवार सुबह करीब नौ बजे रेलवे की टीम दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान एडीईएन मयंक जैन, पीडब्ल्यूआई राजीव रंजन सहित आरपीएफ, जीआरपी और सिटी पुलिस के जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पुलिस बल की निगरानी में पहले मकानों को खाली कराया गया और फिर उन्हें तोड़ा गया।
लोगों में है आक्रोश
मकान टूटने से प्रभावित लोगों में आक्रोश और पीड़ा देखने को मिली। स्थानीय निवासी सतीश ने बताया कि उनका परिवार वर्षोंं से यहां रह रहा था। मकान नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज है और वह नियमित रूप से कर भी जमा करते हैं, इसके बावजूद घर तोड़ दिया गया। वहीं, सुरेंद्र कुमार ने कहा कि अधिकारियों से काफी अनुरोध करने के बाद भी ऐसी जगह को नहीं छोड़ा गया, जिसका वर्तमान में कोई उपयोग नहीं है।
हरे भरे पेड़ भी काटे
तोडफ़ोड़ के दौरान कई हरेभरे पेड़ भी काटे गए, जो वर्षों से क्षेत्रवासियों को छाया प्रदान कर रहे थे। कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी, लेकिन अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया। कार्रवाई के बाद कई परिवार अपने टूटे घरों के मलबे के बीच खड़े नजर आए, जिनके सामने अब सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार के लिए नए आशियाने की व्यवस्था करने की है।
Published on:
11 Jun 2026 11:39 am
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