डॉक्टर पर एफआइआर दर्ज कराने की कर रहे मांग, डॉक्टर पर पीएम रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप सागर/केसली. केसली के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर पर एफआइआर दर्ज कराने की मांग को लेकर देवरी से भाजपा विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया गुरुवार रात समर्थकों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। विधायक […]
डॉक्टर पर एफआइआर दर्ज कराने की कर रहे मांग, डॉक्टर पर पीएम रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप
सागर/केसली. केसली के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर पर एफआइआर दर्ज कराने की मांग को लेकर देवरी से भाजपा विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया गुरुवार रात समर्थकों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। विधायक का कहना था कि पीड़ित परिवार एक माह से डॉक्टर के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई है। विधायक पटेरिया रात करीब 9.30 बजे केसली पुलिस थाना पहुंचे और समर्थकों से 10 मिनट बात करने के बाद खुद भी थाने की सीढिय़ों पर धरने पर बैठ गए। पौन घंटे तक जब पुलिस की ओर से संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं मिला तो नाराज विधायक ने वहीं बैठे-बैठे विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया, जिसमें लिखा है कि पीडि़त पक्ष के साथ केसली थाना पहुंचा, लेकिन एफआइआर दर्ज न होने से मैं आहत हूं, पीडि़त हूं, व्यथित हूं, अत: विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।
देवरी विधानसभा के मेढ़की गांव निवासी रोहित यादव ने बताया कि करीब 27 दिन पहले उसके परिवार में बुजुर्ग की सर्पदंश से मौत हुई थी, जिनका पोस्टमार्टम डॉ. दीपक दुबे ने किया था, लेकिन वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दे रहा हैं। चूंकि सर्पदंश के मामले में शासन की ओर से मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए की राहत राशि दी जाती है। परिजनों का आरोप है कि डॉ. दीपक दुबे रिपोर्ट तैयार करने के एवज में 10 प्रतिशत यानी 40 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। हालांकि शिकायतकर्ता राकेश यादव का यह भी कहना है कि डॉक्टर ने सीधे तौर पर उनसे रुपयों की मांग नहीं की है, वे जहां प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं उसके पास स्थित मेडिकल स्टोर संचालक के माध्यम से रिश्वत मांगी है। पीडि़त ने बताया कि वह पहले भी शिकायत करने थाने आया था, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी तो सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। वहीं डॉक्टर दीपक दुबे का कहना है कि मृतक के परिजन उनसे गलत रिपोर्ट तैयार कराना चाह रहे हैं।
रात ज्यादा हुई तो बिस्तर मंगा लिए
जानकारी के अनुसार विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया रात करीब 9.50 बजे केसली पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठे थे। उनके समर्थन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित 100 से ज्यादा लोग धरने पर बैठ गए। रात 10.45 बजे तक जब पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की तो विधायक ने वहीं पर सोने के लिए बिस्तर बुला लिए।