धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जो भाई-बहन इस पर्व को मिलकर मनाते हैं, उन्हें सुख समृद्धि मिलती है।
धुलेंडी के बाद सोमवार को जिले भर में भाई दूज का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर लंबी आयु की कामना की, तो भाइयों ने बहनों को उपहार और रक्षा का वचन दिया। कोई भाई अपनी बहन के घर पहुंचा तो बहनें भी मायके आकर आईं और भाई के साथ त्योहार मनाया। भाई दूज को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। पंडित-पुजारियों ने कहा कि हिंदू पंचांग के मुताबिक भाई दूज साल में दो बार मनाया जाता है, एक बार दीपावली के बाद और दूसरी बार होली के बाद। होली के बाद मनाए जाने वाले भाई दूज को होली भाई दूज कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जो भाई-बहन इस पर्व को मिलकर मनाते हैं, उन्हें सुख समृद्धि मिलती है।