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दिग्विजय सिंह ने कहा: डर की राजनीति से देश को बांटने की साजिश

बीना. पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को ग्राम गोदना में चौपाल लगाई, इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और देश में चल रही धुव्रीकरण की राजनीति पर हमला किया। उन्होंने भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में दो तरह की […]

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Jan 21, 2026
मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री

बीना. पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को ग्राम गोदना में चौपाल लगाई, इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और देश में चल रही धुव्रीकरण की राजनीति पर हमला किया।

उन्होंने भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में दो तरह की राजनीति चल रही है, एक ओर भाजपा जो हिन्दुओं को मुसलमानों से खतरा बताती है, वहीं दूसरी ओर एआइएमआइएम जो मुसलमानों को हिन्दुओं से खतरा बताती है। यह दोनों ही पार्टियां समाज को बांटने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि इसी तरह की भड़काऊ राजनीति ने देश को पहले भी भारी कीमत चुकाने पर मजबूर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद अली जिन्ना और सावरकर ने भी लोगों को उकसाकर विभाजन का माहौल बनाया, जिसका परिणाम देश का बंटवारा रहा। आज वही नीति नए रूप में दोहराई जा रही है, जहां खतरे का डर दिखाकर वोट हासिल किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जहां अन्य दलों की सीटें घट रहीं हैं, वहीं इन दोनों पार्टियों की सीटों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, क्योंकि दोनों पार्टियां भय का राजनीतिक लाभ उठा रही हैं। इन दलों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि हिन्दू और मुसलमान एकजुट हो गए, तो उनकी विभाजनकारी राजनीति का आधार खत्म हो जाएगा।

हमारा धर्म हिन्दू नहीं, सनातन है

उन्होंने कहा कि हिन्दू एक भौगोलिक शब्द है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एक ओर हिन्दू राष्ट्र की बात करते हैं, तो दूसरी ओर यह भी कहते हैं कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी हिन्दू हैं, जबकि वह अपने-अपने धर्म को मानते हंै। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी के इस पार रहने वाले सभी लोग हिन्दू हैं, हमारा धर्म हिन्दू नहीं, बल्कि सनातन धर्म है। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में जो कुछ भी चल रहा है, उस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेेश्वरानंद माघ मेले में स्नान करने जाना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस के माध्यम से रोक दिया। इसके बाद वह सत्याग्रह पर बैठ गए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री उनसे माफी मांगें व उन्हें रोकने वाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

निर्मला सप्रे को देना चाहिए इस्तीफा

निर्मला सप्रे के पार्टी बदलने और उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से उन्होंने चुनाव जीता था, उसे छोड़कर वह दूसरी पार्टी में चली गई हैं, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

Updated on:
21 Jan 2026 11:54 am
Published on:
21 Jan 2026 11:53 am
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