जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, सिर्फ दिया जाता है आश्वासन
बीना. जर्जर भवनों से हो रहे हादसों के बाद भी अधिकारी जाग नहीं रहे हैं। ब्लॉक के ग्यारह स्कूल भवन ऐसे हैं, जो गिराने लायक हैं और इसकी जानकारी जिम्मेदारी अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन इन्हें गिराने में देरी की जा रही है। शायद वह किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
जनपद शिक्षा केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक स्कूल बेरखेड़ी माफी, दौलतपुर, रामनगर, हांसुआ, धनौरा, मालखेड़ी, रुसल्ला, नौगांव, कन्या आगासौद, बालक आगासौद और बालक भानगढ़ स्कूल का पुराना भवन जर्जर हो चुका है। अधिकांश जर्जर भवन उस जगह स्थित हैं, जहां दूसरे भवनों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इन जर्जर भवनों के पास बच्चे खेलने पहुंच जाते हैं। यदि भवन का कोई हिस्सा गिरता है, तो बच्चे चपेट में आ सकते हैं। इसलिए इनका जल्द से जल्द गिराना जरूरी है। इन भवनों की रिपोर्ट उपयंत्री ने कई दिनों पहले अधिकारियों को भेज दी है, लेकिन फिर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। भवन जनपद पंचायत के माध्यम से ग्राम पंचायतों को गिराना हैं।
कुछ ऐसे भवन जिनका एक हिस्सा जर्जर
दस स्कूल भवन ऐसे हैं, जिनका एक हिस्सा जर्जर है और दूसरे हिस्से की मरम्मत होनी है। इन भवनों को मरम्मत की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन इनसे भी खतरा बना हुआ है। इन भवनों की मरम्मत की जगह गिराने की जरूरत है।
दे चुके हैं रिपोर्ट
जो स्कूल भवन गिराने लायक हैं उनकी सूची अधिकारियों को दे चुके हैं, लेकिन अभी तक भवन गिराए नहीं गए हैं। कुछ भवन ऐसे हैं, जिनका एक हिस्सा जर्जर है दूसरा ठीक है।
ब्रजेन्द्र शर्मा, उपयंत्री, जनपद शिक्षा केन्द्र, बीना
एक हफ्ते में गिर जाएंगे भवन
ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर भवन गिराने की कार्रवाई जारी है और एक हफ्ते में सभी चिंहित किए गए भवन गिरा दिए जाएंगे, जिससे कोई खतरा न रहे।
एसएल कुरेले, सीइओ, जनपद पंचायत, बीना