
Kesharwani Community : मध्य प्रदेश के सागर में केसरवानी समाज के दो परिवारों के बीच विवाद की खबर सामने आ रही है। इस विवाद के चलते एक परिवार की 4-5 महिलाओं ने अपने मासूम बच्चों के साथ तीनबत्ती पर धरना दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर न्याय की मांग करने लगे। महिलाओं और बच्चों ने अपने भाइयों की फोटो लेकर धरना दिया जिन्हे कथित तौरपर दूसरे केसरवानी परिवार के लोगों ने मारकर अस्पताल पंहुचा दिया। यह विवाद पूर्व कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव तक पंहुचा जहां उन्होंने महिलाओं को न्याय देने का आश्वासन दिया जिसके बाद ही पूरा मामला शांत हुआ।
दोनों परिवारों के बीच यह विवाद किसी दूकान को लेकर हुआ था। धरने पर बैठने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले मुन्ना केसरवानी और उसके परिजन ने उनकी दुकान के सामने गाली-गलौज कर रहे थे जिसका उसके जुड़वा भाइयों संजू और संजय ने विरोध किया। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना उग्र हो गया की बात हाथापाई तक आ गई। मुन्ना केसरवानी का परिवार अपने साथ लाठी और डंडे लाया था जिससे उन्होंने उनके भाइयों के सिर पर वार किया।
इस वार से भाइयों का सिर फट गया। वार के बाद वापस जाते हुए उन्होंने धमकी दी अगर पुलिस के पास गए या उनके सामने भी आये तो वह उन्हें मार देंगे। पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका अभी इलाज चल रहा है। इस हमले के बाद के बाद पीड़ित घर की महिलाओं ने हाथ में भाइयों की फोटो लेकर बच्चों के साथ सागर के तीनबत्ती चौराहे पर धरना दिया और न्याय की मांग करने लगी। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सही तरीके से रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। महिलाओं ने धमकी दी अगर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी तो वह यही पर आत्मदाह कर लेंगी।
हालांकि, जब यह धरना चल रहा था तब पूर्व कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव निजी दौरे पर वही थे। वह अपने किसी काम से तीनबत्ती जा रहे थे जहां उन्होंने इन महिलाओं संग बच्चों को देखा। पूर्व मंत्री के आने की खबर सुनते ही पीड़ित महिलाएं भार्गव के पास पहुंची और अपनी चिंता व्यक्त की। पूर्व मंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया और मौके पर उपस्थित थाना प्रभारी नवीन जैन को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीँ, कोतवाली थाना प्रभारी नवीन जैन ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।