केंद्रों पर ही रखा बारिश में खराब हुआ अनाज, मारने लगा बदबू, लोग परेशान
देवरीकलां. खरीदी केंद्र में रखे अनाज को बारिश से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे जिससे वह भीग कर खराब हो रहा है। चना मसूर की बोरियां अंकुरित होने लगीं हैं। बोरियों के नीचे पानी भर जाने अनाज सड़ गया और तेज बदबू आने लगी है। अब संचालकों द्वारा बोरियां खोलकर मंडी में चना मसूर को सुखाया जा रहा है। समिति प्रबंधकों की लापरवाही भी उजागर हो रही है। जिससे शासन को लाखों रुपए का नुकसान होने के अनुमान है। जबकि एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी ने समिति प्रभारियों को लिखित में तीन-तीन बार आदेश भी दिया, लेकिन इसके बाद भी इनके द्वारा अनाज को खुले में रखा गया और उन्हें बचाने के लिए तिरपाल व पॉलीथिन की व्यवस्था नहीं की गई है। लगातान आदेशों को अनदेखा किया गया। अनाज का परिवहन भी नहीं कराया गया। मौसम खराब होने के बाद भी उपलब्ध कराई गई बारदाने की गठानें भी खुले में रखी हैं। उनको भी व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा जा रहा है। एसपीएम राकेश मोहन त्रिपाठी ने बताया कि अगर समिति प्रबंधकों की लापरवाही के कारण नुकसान हुआ है तो वह इन से नुकसान की वसूली की जाएगी। बारदाने की गठानों को भी सुरक्षित रखवाया जाएगा। जिससे उन्हें कोई नुकसान न हो।
खुले में रखा अनाज
रजवांस. पुरानी कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य केंद्र पर हुई चना, मसूर एवं सरसों की बोरियां खुले में रखी हुईं हैं। उन्हें बारिश से बचाने से बचाने के लिए कोई खास इंतजाम भी नहीं किए गए। किसानों ने बताया कि मंडी प्रशासन द्वारा अनाज का परिवहन नहीं किया जा रहा है। अब यदि बारिश होती है तो पूरा अनाज भीग कर खराब होने का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर अनाज की सुरक्षा के लिए न तो उसका परिवहन करा रहे हैं और न ही ढकने के लिए तिरपाल व पॉलीथीन क व्यवस्था कर रहे हैं।