शहर से 45 किमी दूर ग्राम जलंधर में सौ साल से अधिक पुराने बरगद के पेड़ का तना दो भागों में बंट गया। जड़ों को हटाने के लिए खुदाई की तो उसमें वर्षों पुराने छोटे बड़े आकार के आठ शिवलिंग निकले हैं।
Shivling Found From The Tree : शहर से 45 किमी दूर ग्राम जलंधर में सौ साल से अधिक पुराने बरगद के पेड़ का तना दो भागों में बंट गया। जड़ों को हटाने के लिए खुदाई की तो उसमें वर्षों पुराने छोटे बड़े आकार के आठ शिवलिंग निकले हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई साल पुराना खेर माता का चबूतरा है, जहां ये शवलिंग पेड़ की जड़ों के नीचे दबे मिले हैं। पूरा गांव भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है और दर्शन करने के लिए लोगों का हुजूम लगा है।
ग्रामीण रामनरेश, इंद्राज यादव, बलराम पटेल, नर्मदा कुशवाहा, निरंजन, देशराज यादव, अनिल कुशवाह, नेपाल पटेल, हर प्रसाद पटेल ने बताया कि गांव में सैकड़ों वर्ष पुराना बरगद का पेड़ लगा था, जिसके नीचे खैर माता का चबूतरा बना है, जहां बरगद के पेड़ की जड़ों में शिवलिंग निकले हैं।
रनवीर राव साहब ने बताया कि पिछले महीने इस जगह पर पं. विपिन बिहारी शास्त्री की कथा का आयोजन हुआ था, उस के बाद भंडारे के दिन सौ साल से ज्यादा पुराना बरगद का पेड़ अचानक टूटकर दो भागों में बंट गया, लेकिन उस समय किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसकी जानकारी पुलिस के लिए भी दी गई है। क्योंकि बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंच रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पेड़ का हटाया जाना जरूरी है। इस दौरान मौके पर पं. रामजी लाल तिवारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं।