
सागर. प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के घरों को रोशन करने के लिए दो सौ रुपए बिजली बिल के भुगतान की योजना शुरू की है। इसका लाभ लेने के लिए जिले में बड़ी संख्या में पंजीयन हुए हैं, लेकिन अब इसमें पेंच आ गया है। दरअसल, बिजली कंपनियों ने योजना के तहत शर्तें लागू कर दी हैं। जिसके अनुसार असंगठित व गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले उन परिवारों पर २०० रुपए प्रतिमाह बिजली बिल भुगतान योजना लागू नहीं होगी, जिनमें एक हजार वाट से ज्यादा का लोड आ रहा है।
बिल होगा देय
योजना में प्रतिमाह २०० रुपए बिजली बिल भुगतान करना होगा, लेकिन यदि किसी का वास्तविक बिल २०० रुपए से कम होता है तो वह वही राशि जमा करेगा। जबकि बिल की राशि २०० रुपए होने की स्थिति में अंतर की राशि का भुगतान शासन द्वारा किया जाएगा। योजना एक
जुलाई से लागू कर दी जाएगी।
यह है योजना से बाहर होने का कारण
वर्तमान में सौभाग्य योजना के तहत अंचल में मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। २०११ की जनगणना के अनुसार आर्थिक, सामाजिक और जातिगत डाटा के आधार पर लोगों को लाभ दिया जा रहा है, लेकिन अंचल में अभी भी कई सम्मिलित परिवारों में एक ही बिजली कनेक्शन है और परिवार के अलग-अलग रहने वाले सदस्य भी नया कनेक्शन लेने का विरोध कर रहे हैं। जिसके कारण उनके घरों का लोड १००० किलोवॉट से अधिक पहुंच रहा है। यही कारण है कि एेसे सभी परिवारों को योजना से बाहर कर दिया गया है।
असंगठित मजदूरों को मिलेगा नि:शुल्क
& कनेक्शन लेकर आ सकते हैं पात्रता श्रेणी में जिन परिवारों का लोड एक हजार यूनिट से अधिक जा रहा है और योजना से अपात्र घोषित हो रहे हैं। एेसे संयुक्त परिवार अलग-अलग कनेक्शन लेकर योजना में पात्रता पा सकते हैं। असंगठित मजदूर का पंजीयन होने पर नया कनेक्शन भी कंपनी नि:शुल्क देगी। - जीडी त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता, सागर