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मेहलुआ-बीना-मालथौन फोरलेन: अभी सिर्फ प्रोजेक्ट हुआ स्वीकृत, डीपीआर बनना शेष और लोग फर्जी नक्शा करने लगे तैयार

बीना के रियल एस्टेट कारोबारी भी हुए सक्रिय, आसपास की जमीनों के दाम बढ़ने की चर्चाएं तेज,अधिकारियों कह रहे अभी डीपीआर बनने में लगेगा समय, तब तय होगा कहा से निकलेगी सड़क ​
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Mehalua-Bina–Malthon Four-lane: Only the project has been approved so far and the DPR is yet to be prepared, yet people have already started creating fake maps.

इस तरह बनाए जा रहे हैं नक्शे। फोटो-पत्रिका

बीना. मेहलुआ चौराहा से बीना-खिमलासा होते हुए मालथौन तक प्रस्तावित फोरलेन सडक़ परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में जमीनों को लेकर हलचल तेज हो गई है। परियोजना को लेकर अभी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं, लेकिन इसके पहले ही फोरलेन के संभावित रूट के नाम पर अलग-अलग नक्शे वायरल किए जाने लगे हैं। इन नक्शों के आधार पर जमीनों की खरीद-फरोख्त और भविष्य में जमीन के दाम बढऩे की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी फोरलेन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होना बाकी है। डीपीआर में सडक़ का वास्तविक अलाइनमेंट, चौड़ाई, जंक्शन, पुल-पुलिया सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सडक़ का वास्तविक रूट किन गांवों और किन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, लेकिन फोरलेन की स्वीकृति की जानकारी सामने आते ही कुछ लोगों ने सेटेलाइट तस्वीरों के आधार पर अपने स्तर पर नक्शे तैयार कर शेयर करना शुरू कर दिया है। ऐसे नक्शों के कारण उन क्षेत्रों में जमीन खरीदने-बेचने को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है, जहां लोगों को लगता है कि प्रस्तावित फोरलेन गुजरने वाला है।

फोरलेन स्वीकृत होते ही रियल एस्टेट कारोबारी सक्रिय


परियोजना की स्वीकृति के साथ ही संभावित रूट के आसपास रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों की सक्रियता बढ़ गई है। जिन क्षेत्रों में भविष्य में सडक़ आने की संभावना जताई जा रही है, वहां जमीनों के दाम बढऩे की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भू-अर्जन की प्रक्रिया है महत्वपूर्ण


डीपीआर तैयार होने के बाद सडक़ के लिए आवश्यक जमीन का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद संबंधित जमीनों के भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू होगी, इसमें जमीन का चिन्हांकन, रिकॉर्ड की जांच, प्रभावित भू-स्वामियों की जानकारी सहित कई प्रक्रियाएं शामिल होंगी। पूरी प्रक्रिया में कई चरण होने के कारण निर्माण कार्य शुरू होने में समय लग सकता है।

रिंग रोड के लिए पूर्व में हो चुके हैं सर्वे


रिंग रोड के लिए पूर्व में सर्वे हो चुके हैं, लेकिन कार्य को स्वीकृति नहीं मिली थी। अब शहर के बाहर से फोरलेन निकाला जाएगा, जो शहर का बाईपास होगा। दूसरी ओर सागर तरफ बाईपास बनाया जा प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।

अभी सिर्फ प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है


अभी सिर्फ प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है और डीपीआर तैयार होने में समय लगेगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
मनीष अहिरवार, एजीएम, एमपीआरडीसी

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