अंधे कत्ल का पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर किया खुलासा, तीनों आरोपी किए गिरफ्तार
बीना. हनोता डेम के पास हुई रोजगार सहायक की हत्या के मामले का पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर ही खुलासा कर दिया है। घटना को तीन आरोपियों ने अंजाम दिया था, जिन्हें पठारी पुलिस ने खुरई ग्रामीण व खुरई शहर पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को पुलिस ने प्रेसवार्ता करके मामले का खुलासा किया है, जिसमें कुरवाई एसडीओपी मनीष राज ने जानकारी देते हुए बताया कि हनोता डेम के पास एक युवक की हत्या कर दी गई थी। जिसकी जानकारी लगने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित की। जांच में खुरई सीसीटीवी कंट्रोल रूम में मृतक सुरेन्द्र राजपूत के साथ एक युवक को जाते हुए देखा गया था। पठारी पुलिस ने खुरई पुलिस की मदद से राकेश पिता कामता प्रसाद पटेल (28) को पकड़ा, जो अपने साथियों के घर पर मिला। पूछताछ करने पर राकेश ने बताया कि जित्तू उर्फ जितेन्द्र राजपूत के कहने पर उसने अपने दोस्त नमन पिता शिवशंकर गुप्ता के साथ मिलकर सुरेन्द्र की हत्या की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी जित्तू उर्फ जितेंद्र राजपूत से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने रंजिश के चलते सुरेन्द्र राजपूत के पिता की हत्या कर दी थी, जिसमें सुरेन्द्र मुख्य गवाह था, इसलिए उसने सुरेन्द्र की हत्या करने की साजिश रची।
इस तरह रची हत्या की साजिश
जित्तू ने पुलिस के लिए बताया कि उसे सुरेन्द्र की हत्या के लिए साथियों की जरूरत थी, जिससे शक्ति बस के ड्राइवर राकेश पटेल निवासी खुरई से दोस्ती की एवं उसका कर्ज उतारने, तीन लाख रुपए में सुरेन्द्र की हत्या करने की साजिश रची। 3 अप्रेल को योजना बनाकर वह राकेश पटेल व उसके दोस्त नमन गुप्ता के साथ सुरेन्द्र को हिनोता डेम सर्विस रोड तक लेकर गए। इसके बाद सुरेन्द्र को शराब पिलाने के बाद नशे की हालत में उसका गला दबाकर सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर तीनों भाग निकले।
इनकी रही अहम भूमिका
कुरवाई एसडीओपी, खुरई एसडीओपी सचिन परते, पठारी थाना प्रभारी विमलेश कुमार राय, खुरई शहर थाना प्रभारी शशि विश्वकर्मा, खुरई ग्रामीण थाना प्रभारी धनेन्द्र यादव, एसआई कमलकिशोर पवार, एएसआई गुरुदत्त शर्मा, साइबर सेल टीम विदिशा, एफएसएल टीम विदिशा आदि की मुख्य भूमिका रही।