
पानी के बीच में रखी चना, मसूर की बोरियां। फोटो-पत्रिका
बीना. समर्थन मूल्य पर खरीदा गया अनाज खुले आसमान के नीचे रखा है, जो दो दिन से हो रही बारिश में भीग रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं। बिहरना वेयरहाउस में बने समर्थन मूल्य केन्द्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं के साथ-साथ चना, मसूर बारिश में सडऩे की कगार पर पहुंच गया है।
रविवार की दोपहर करीब आधा घंटे तक तेज बारिश हुई, जिसमें बिलाखना, बीना इटावा, रामपुर समिति पर रखीं करीब चार हजार गेहूं की बोरियां बारिश में भीग गईं। सबसे खराब स्थिति बिलाखना केन्द्र की थी, जहां बोरियां के नीचे पानी भरा हुआ था। खरीदी करने वालों ने बताया कि 2100 बोरी उनके केन्द्र पर रखी हुई हैं, लेकिन परिवहन के लिए ट्रक नहीं आ रहे हैं। इटावा और रामपुर समिति पर भी बड़ी मात्रा में गेहूं बाहर रखा हुआ है।
चना, मसूर की बोरियां के नीचे भरा पानी
चना, मसूर की तौल जूट के बारियों में हुई है और पानी में सबसे ज्यादा खराब स्थिति इन बोरियों की हैं। बसाहरी समिति पर रखी बोरियों के नीचे पानी भरा हुआ है, जिससे अनाज सड़ जाएगा। यदि इसी स्थिति में बोरियां रखी रहीं, तो दाने अंकुरित हो जाएंगे। इसके बाद भी न तो समिति प्रबंधक द्वारा ध्यान दिया जा रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारी यह बोरियां वेयरहाउस में जमा करा रहे हैं। बाद में यही अनाज वेयरहाउस में जमा करा दिया जाएगा।
एफसीआई की गोदाम में जमा होना है गेहूं
60 हजार क्विंटल गेहूं एफसीआई की गोदाम में जमा होना है और इसके लिए परिवहन होना है। क्योंकि एफसीआई की गोदाम बीना में स्थित है। यदि अभी तक सही तरीके से परिवहन, तो गेहूं भीगता नहीं।
गुणवत्ता हो रही खराब
बारिश में गेहूं भीगने के बाद भी बोरियों की सिलाई कर दी गई है, जो जल्द ही खराब हो जाएगा। इस ओर अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जो बोरियां पानी में डूबी हैं, उसकी गुणवत्ता भी खराब हो जाएगी।
मजदूरों की है कमी
मजदूरों की कमी के कारण गेहूं का परिवहन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। फिर भी जल्द से जल्द गेहूं उठाने का प्रयास किया जाएगा। समितियों पर बोरियां फैलाकर रखी हैं, उनकी छल्ली नहीं लगाई जा रही है।
अरविंद जैन, केन्द्र प्रभारी, नान
Published on:
04 May 2026 12:04 pm
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