4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंदिर प्रबंधन स्वयं करना चाहता है ट्रस्ट की कृषि भूमि पर खेती, ठेके पर जमीन लेने वाले जता रहे विरोध, विवाद की स्थिति बनी

कहा 80 वर्षों से करते आ रहे हैं खेती, न्यायालय में चल रहा मामला, खेत की बखरनी करने पर दोनों पक्ष आए आमने-सामने, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दी समझाईश

2 min read
Google source verification
The temple management wants to cultivate the trust's agricultural land themselves, but those who lease the land are protesting, leading to a dispute.

विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस समझाईश देते हुए। फोटो-पत्रिका

बीना. श्री देव रघुनाथ बड़ा मंदिर ट्रस्ट की कृषि भूमि पिछले कई वर्षों से ठेके देते आ रहे हैं, लेकिन इस वर्ष बरदौरा स्थित भूमि पर मंदिर प्रबंधन ने स्वयं खेती करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का विरोध कुछ लोग कर रहे हैं और उनका कहना है कि वह 80 वर्षों से जमीन ठेेके पर लिए हुए हैं, लेकिन अब मना किया जा रहा है। रविवार की दोपहर भूमि को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी और मौके पर पुलिस भी समझाईश देने पहुंची थी।
रविवार की दोपहर मंदिर के कर्मचारी जमीन की बखरनी करने पहुंचे थे और इसकी जानकारी लगते ही ठेके पर जमीन लेने वाले लोग भी मौके पर पहुंचे, जिससे दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाईश देकर कुछ देर में वहां से लौट आई। वहां मौजूद नाथूराम पटेल ने बताया कि ग्राम बरदौरा में स्थित करीब 22 एकड़ मंदिर की जमीन चौदह किसान 80 वर्षों से ठेके पर लेते आ रहे हैं, जो उनकी आय का साधन है, जिसके वह रुपए भी देते हैं, लेकिन इस वर्ष मंदिर प्रबंधन ने जमीन ठेके पर देने से इंकार कर दिया है और बखरनी करा रहे हैं। जबकि इस मामले को लेकर सिविल न्यायालय में केस लगा हुआ है, जिसकी पेशी 24 जून को है। उनका कहना है का न्यायालय का जो भी फैसला आएगा वह उसे मानने तैयार होंगे।

विवाद करने के उद्देश्य से आए थे लोग
बरदौरा के पूर्व सरपंच कामता भदौरिया ने बताया कि वह भी मंदिर की छह एकड़ जमीन कई वर्षों से ठेके पर लेते आ रहे हैं, जो अब मंदिर प्रबंधन ने देने से इंकार कर दिया है। रविवार को मंदिर से बड़ी संख्या में लोग आए थे, जिसमें वहां संस्कृत विद्यालय में पढऩे वाले बच्चे भी थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली में डंडे भी रखे हुए थे।

ठेका पर जबरन मांग रहे भूमि
ट्रस्ट की कृषि भूमि को पिछले वर्षों में ठेके पर देते आ रहे हैं, लेकिन अब मंदिर प्रबंधन द्वारा कृषि कार्य किया जाएगा, इसलिए ठेके पर नहीं दे रहे हैं। जिसपर लोग जबरन दबाव बना रहे हैं और धमकी दी जा रही हैं। सिविल न्यायालय में केस को लेकर कोई नोटिस नहीं आया है। रविवार को छुट्टी होने के कारण बच्चे वहां स्थित मंदिर गए थे, वह कोई विवाद करने नहीं गए थे और न डंडे ले गए थे, यह आरोप झूठे हैं। इस मामले की शिकायत थाने में की जा रही है।
महंत राधामोहन दास, श्रीदेव रघुनाथ बड़ा मंदिर, बीना