सागर

किसानों ने एसडीएम कोर्ट में लगाई आपत्ति, आसपास के गांव की कलेक्टर गाइडलाइन से चार गुना मिले मुआवजा

रिफाइनरी के आसपास जमीनों का किया जाना है अधिग्रहण, नोटिस किए गए हैं जारी

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Nov 15, 2024
आ​पत्ति दर्ज कराने पहुंचे किसान

बीना. बीपीसीएल बीना रिफाइनरी का विस्तार करने के लिए आसपास के गांवों की करीब पांच सौ एकड़ जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया चल रही है और इसके लिए किसानों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। जिसपर किसानों ने जमीन देने के पहले अपनी शर्तें रखते हुए एसडीएम कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई है।
भांकरई, पुरैना, आगासौद, दौनमड़ी, हांसुआ के करीब पचास से ज्यादा किसानों ने अलग-अलग आपत्ति दर्ज कराई है और अभी बड़ी संख्या में किसानों को नोटिस नहीं मिल हैं। नोटिस पहुंचने के बाद शेष रह गए किसान भी आपत्ति दर्ज कराएंगे। किसानों ने आपत्ति में उल्लेख किया है कि रिफाइनरी के आसपास पांच किमी में नो डेवलपमेंट जोन होने के कारण विकास कार्य नहीं हुए हैं, जिससे जमीन की कीमत कम आंकी गई है। शासन से प्रति हेक्टेयर जो राशि अधिग्रहण के बदले किसानों को दी जा रही है, उससे जीवन यापन करना मुश्किल है, जिससे आसपास के अन्य गांवों की कलेक्टर गाइडलाइन का चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाए। किसान इसी जमीन से जीवन यापन कर रहे हैं और पास में ही निवास, जबकि शहर में जमीन बहुत महंगी है, जिससे उचित मुआवजा की जरूरत है। साथ ही सभी किसानों के आयुष्मान कार्ड बनवाने, अधिग्रहित होने वाली जमीन के ट्यूबवेल, कुंआ, मकान, पेड़ों को सर्वे में नहीं जोड़ा गया है, इसलिए इसका फिर से सर्वे कराकर इन्हें शामिल किया जाए। जमीन जाने के बाद रोजगार की प्रमुख समस्या होगी, जिससे किसानों के परिवार से एक व्यक्ति को स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाए, संबल योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाए। जिन किसानों की जमीन मुख्य मार्ग, कच्चे रोड, ग्रामीण क्षेत्र के रोड से लगी हुई हैं, उनका मुआवजा ज्यादा दिया जाए, क्योंकि अभी बनाई गई रिपोर्ट में दाम एक समान तय किए गए हैं, जो गलत है। किसानों का कहना है कि यहां उनकी मांगें पूरी न होने पर वह एडीजे कोर्ट में केस लगाएंगे।

Published on:
15 Nov 2024 12:41 pm
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