सुबह बारिश के बाद दिनभर खिली धूप, रात में फिर बूंदाबांदी से हुए किसान परेशान
जिले के मौसम में बार-बार बदलाव आ रहा है। कभी बादल छा रहे तो कभी एकाएक तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को सुबह से ही हल्की बारिश हुई। सुबह 10 बजे से तेज धूप निकली। रात होते ही एक बार फिर से बादल गरजे, जिससे एक बार फिर से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल की कटाई का काम चल रहा है। देर रात तक किसानों को कटी फसलों को इकट्ठा करते रहे। अगर ऐसी स्थिति में बारिश होती तो किसानों को काफी नुकसान होगा। किसानों ने बताया कि अभी तक फसल सभी प्रकार के रोगों सहित बारिश से बची हुई है।
गुरुवार को निकली धूप की वजह से किसानों ने राहत की सांस ली। बारिश से दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है। गुरुवार अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 34.2 डिग्री और न्यूनतम पारा 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसीनगर क्षेत्र के कंदेला में बेर के आकार के ओले गिरे और गौरझामर इलाके में बारिश हुई।
जिले में गेहूं का रकबा इस वर्ष 3 लाख 5 हजार हेक्टेयर था, जिसमें से करीब 70 प्रतिशत फसल आ चुकी है। 20-25 प्रतिशत फसल देरी से बोवनी की वजह से खेतों में खड़ी है, वहीं 5-10 प्रतिशत फसल थ्रेसिंग के लिए खेतों में काटकर रखी हुई है। जो किसान थ्रेसिंग नहीं करा पाए उन्हें बारिश में नुकसान की आशंका बनी हुई है। गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी से फसल में पानी पड़ा, लेकिन दिनभर निकली धूप की वजह से नुकसान की सूचना किसी भी ब्लॉक से कृषि। विभाग को नहीं मिली। कृषि उपसंचालक राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गुरुवार को सुबह से ही सभी ब्लॉकों से जानकारी ली गई है, अभी तक नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि एक टर्फ दक्षिणी छत्तीसगढ़ से मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ-मराठवाड़ा के पास से गुजर रही है। वहीं, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार से मौसम साफ हो जाएगा। मौसम साफ होते ही तापमान में इजाफा होगा। विभाग के अनुसार दूसरे सप्ताह से लू भी चलने का अनुमान है। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है।