
बीना. शहर में तेजी से बढ़ रहे व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी की जा रही है। अधिकांश व्यावसायिक भवन बिना फायर फाइटिंग सिस्टम के संचालित हो रहे हैं, जबकि नगर पालिका द्वारा निर्माण और संचालन की अनुमति दे दी है। स्थिति यह है कि अधिकांश भवनों में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण हैं और न ही सुरक्षित निकास व्यवस्था।
शहर के कई व्यावसायिक भवनों केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार है। यदि किसी कारणवश आग लग जाए या भगदड़ की स्थिति बने तो लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने में भारी परेशानी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार बहुमंजिला भवनों और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक परिसरों में कम से कम दो आपातकालीन निकास मार्ग और फायर सेफ्टी सिस्टम होना आवश्यक है, लेकिन अधिकांश भवनों में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यदि व्यावसायिक भवनों में आग लगने की घटना होती है, तो बचाव और राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ सकती हैं।
बेसमेंट में भी संचालित हो रहीं दुकानें
नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से पार्किंग और आवश्यक सेवाओं के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन शहर में कई स्थानों पर बेसमेंट को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। यहां दुकानें, गोदाम और अन्य व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर आग लगने की स्थिति में धुआं भरने से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
बिजली कनेक्शन देने में भी नहीं बरती जा रही सावधानी
जानकारी के अनुसार व्यावसायिक भवनों को बिजली कंपनी द्वारा व्यावसायिक कनेक्शन भी जारी किए जा रहे हैं, जबकि फायर एनओसी और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच नहीं की जाती है। यदि सभी आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा प्रावधानों का परीक्षण किया जाए, तो कई भवनों में कमियां सामने आ सकती हैं।
कराया जा रहा है सर्वे
शहर के सभी व्यावसायिक भवनों सहित मैरिज गार्डन, होटल, अस्पताल, कोचिंग सेंटर आदि का सर्वे कराया जा रहा है और उसमें फायर सिस्टम की जांच की जाएगी। जिन भवनों में फायर सिस्टम नहीं है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे और भी नियमों का पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
जयदीप शाक्यवार, उपयंत्री, नगर पालिका, बीना