
तय मानक से बड़ी गिट्टी मिलाकर बनाई जा रही सड़क। फोटो-पत्रिका
बीना. शहर की प्रमुख सडक़ आंबेडकर तिराहा से सागर गेट और महावीर चौक तक करीब पांच करोड़ रुपए की लागत से कराए जा रहे डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने सामग्री की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई है।
डामरीकरण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सडक़ निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री में छोटी गिट्टी के स्थान पर बड़ी गिट्टी मिलाई जा रही है, जबकि डामर की मात्रा भी कम है, जिससे सडक़ में मजबूती नहीं रहेगी। वहीं निर्माण कार्य लगातार और समान रूप से नहीं किया जा रहा है। सडक़ के अलग-अलग हिस्सों में अलग गुणवत्ता का कार्य नजर आ रहा है। कहीं, डामर और गिट्टी का मिश्रण संतोषजनक दिख रहा है, तो कहीं डामर की लेयर में बड़ी गिट्टी स्पष्ट दिखाई दे रही है। सर्वोदय चौराहे से आंबेडकर तिराहे तक एक हिस्से में डाली गई डामर लेयर में बड़ी गिट्टी नजर आने से लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों कहना है कि यदि इसी तरह बनाई गई, तो पहली ही बारिश में उखड़ जाएगी। इसलिए सडक़ निर्माण की नियमित मॉनिटरिंग कराई जाए, ताकि शहर को लंबे समय तक टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सडक़ मिल सके। नपाध्यक्ष भी पिछले दिनों गुणवत्ता पर सवाल उठा चुकी हैं।
19 एमएम की गिट्टी का कर सकते हैं उपयोग
जानकारी के अनुसार मटेरियल में 19 एमएम की गिट्टी का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन इसकी मात्रा 10 प्रतिशत ही हो सकती है। ठेकेदार ने इस साइज की गिट्टी निर्धारित मात्रा से ज्यादा मिला दी है, जिससे गुणवत्ता खराब हुई है।
लोगों की शिकायत के बाद रोका काम
नगर पालिका ने गुणवत्ताहीन काम की मिल रही शिकायतों के बाद कार्य रोक दिया है और अब शेष कार्य बारिश बाद कराया जाएगा। जो सड़क बनी है उसकी गुणवत्ता भी बारिश में पता चल जाएगी। यदि बारिश में सड़क खराब होगी, तो फिर से सड़क का कार्य ठेकेदार से कराया जाएगा।
बारिश बाद करेंगे भुगतान
डामरीकरण कर रहे ठेकेदार को अभी भुगतान नहीं किया जाएगा। भुगतान बारिश के बाद होगा। साथ ही गुणवत्ता को लेकर तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
जयदीप शाक्यवार, उपयंत्री, नगर पालिका बीना
Published on:
25 Jun 2026 12:03 pm
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