
रिफाइनरी के पास संचालित प्लांट। फोटो-पत्रिका
बीना. बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के नो-डेवलपमेंट जोन में करीब दस माह से कई अस्थायी प्लांट लगाकर मटेरियल तैयार हो रहा है, जबकि ग्रामीण व किसानों को निर्माण नहीं करने दिया जाता है। इसका लगातार विरोध ग्रामीण कर रहे हैं और अधिकारी, जनप्रतिनिधियों से लगातार शिकायतें की जा रही थीं। इसके बाद अब एसडीएम नेचालीस कंपनियों को 25 जून तक प्लांट हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार नो-डेवलपमेंट जोन पांच किलोमीटर के दायरे में बनाया गया है। यहां कोई भी निर्माण कार्य करने के पहले क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके बाद भी रिफाइनरी की बाउंड्रीवॉल के बाजू से कंपनियों ने बिना अनुमति के ही प्लांट लगा लिए हैं और आसपास अस्थायी कॉलोनी भी बना ली हैं, जहां हजारों मजदूर रह रहे हैं। जबकि बिना अनुमति के यदि इस दायरे में कोई ग्रामीण निर्माण करता है, तो रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा उसपर रोक लगवा दी जाती है। इस दोहरी नीती का विरोध ग्रामीण कर रहे हैं। इसके बाद एसडीएम ने सभी कंपनियों को नोटिस जारी कर 25 जून तक प्लांट हटाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इसके पूर्व पिछले वर्ष दिसंबर माह में तहसीलदार ने कंपनियों को नोटिस जारी कर 30 दिसंबर तक प्लांट हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई थी। इस बार अधिकारी सख्ती से अतिक्रमण हटाने की बात कह रहे हैं और वहां लगे प्लांट संचालकों सहित अन्य दुकानों का निर्माण करने वालों को समझाइश भी दी जा रही है, जिससे नया अतिक्रमण न हो पाए।
समय-सीमा में कार्य कराना चाह रहे हैं अधिकारी
रिफाइनरी प्रबंधन के अधिकारी पेट्रोकेमिकल प्लांट का कार्य समय-सीमा में कराना चाह रहे हैं, इसलिए उनके द्वारा प्लांटों पर कार्रवाई को लेकर कभी प्रयास नहीं किए गए। प्लांट लगते समय भी रिफाइनरी प्रबंधन ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। यदि ग्रामीण कोई निर्माण करते हैं, तो सुरक्षा गार्ड काम रुकवाने पहुंच जाते हैं।
25 जून तक का दिया है समय
कंपनियों को प्लांट हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और 25 जून तक का समय उनके लिए दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम, बीना
Published on:
20 Jun 2026 11:51 am
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