
lokayukta trap lady clerk caught taking bribe in Sandeepani school, मप्र. तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रिश्वत लेते पकड़ाई (source-patrika)
Sagar Lokayukta Trap: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। जहां लोकायुक्त की टीम ने सांदीपनि विद्यालय की महिला क्लर्क जो कि मध्यप्रदेश तृतीय कर्मचारी संघ की अध्यक्ष भी है उसे रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
सागर के सांदीपनि विद्यालय क्रमांक-1 में पदस्थ महिला क्लर्क गंधाली कदम के खिलाफ विद्यालय में पदस्थ शिक्षक गेंदालाल अहिरवार ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी शिक्षक ने बताया कि उन्हें अपने एरियर के 60 हजार रुपये निकालने थे। वो जब एरियर निकालने के संबंध में क्लर्क गंधाली कदम से मिले तो उनसे इसके एवज में 3000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। बाद में बातचीत 2500 रुपये देना तय हुई।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार शाम को रिश्वत के 2500 रुपये देने के लिए फरियादी शिक्षक गेंदालाल अहिरवार को महिला क्लर्क के पास भेजा। महिला क्लर्क गंधाली कदम ने रिश्वत देने के लिए सांदीपनि विद्यालय परिसर में बुलाया, यहां पहले से लोकायुक्त की टीम सादे कपड़ों में मौजूद थी और जैसे ही महिला क्लर्क ने रिश्वत की रकम ली तो लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि क्लर्क को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बता दें कि दो दिन पहले सिवनी जिले में भी जबलपुर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते अपर कलेक्टर के रीडर को पकड़ा था। छपारा ब्लॉक के गंगाढाना गांव में रहने वाले संतोष सिंह सिसौदिया ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी ने बताया था कि उसके खिलाफ बिना अनुमति के पेड़ काटने का एक प्रकरण दर्ज हुआ था। इस मामले में उन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई चल रही थी और जब वो प्रकरण के संबंध में लखनादौन में पदस्थ अपर कलेक्टर के रीडर माधव प्रसाद तिवारी से मिला तो उसने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। रीडर ने उससे कहा कि वो जुर्माना कार्रवाई को निरस्त कर देगा और प्रकरण को भी पूरी तरह से रफा-दफा करा देगा।
Published on:
18 Jun 2026 10:09 pm
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