
बीना. शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हुआ है और पहले दिन कच्चा रोड स्थित मां जागेश्वरी मंदिर से रजत पालकी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और माता रानी की पूजा-अर्चना कर पालकी में कंधा लगाया।
मां जागेश्वरी का सुबह अभिषेक, पूजन, आरती की गई और इसके बाद शोभायात्रा शुरू हुई, जो कच्चा रोड, सर्वोदय चौराहा, कॉलेज तिराहा, गांधी तिराहा, बड़ी बजरिया, महावीर चौक होते हुए मंदिर पर संपन्न हुई। रजत पालकी में माता रानी विराजमान थीं और श्रद्धालु पालकी को कंधों पर लेकर चल रहे थे। शोभायात्रा में डांडिया नृत्य, गरबा, भजन मंडली, नासिक ढोल, डमरू पार्टी शामिल थी। नृत्य करने वाले घोड़े भी आकर्षण का केन्द्र रहे। साथ ही दूसरे स्थानों से आए अखाड़ों में युवाओं ने करतव दिखाए। घोड़ा बग्घियों में ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा नौ देवियों की झांकियां सजाई गई थीं। श्रद्धालुओं ने मां जागेश्वरी की पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ लिया। शोभायात्रा का जगह-जगह सामाजिक संगठन, हिन्दू संगठनों ने फल, पानी आदि वितरित कर स्वागत किया। मंदिर पर यात्रा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। शहर सहित आसपास के हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया।
शोभायात्रा में शामिल राजस्थानी और मयूरी नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। राधा कृष्ण बने कलाकारों का नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। साथ ही हनुमान जी, भोलेनाथ का वेष धारण किए हुए कलाकारों ने भी नृत्य किया। वहीं, राजस्थानी नृत्य में कलाकारों ने सिर पर एक के ऊपर एक कई मटकी रखकर नृत्य किया।
नगर में जगह-जगह पंडाल सजाकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। बैंड, बाजों के साथ प्रतिमाएं लेकर श्रद्धालु पंडाल तक पहुंचे, जहां विधी-विधान से स्थापना की गई। नवरात्र में पूरे क्षेत्र मे धार्मिक माहौल रहेगा। भक्त नौ दिनों तक व्रत रखकर देवी मां की उपासना करेंगे।
शहर के सभी देवी मंदिरों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। उन्होंने जल अर्पण कर पूजा-अर्चना की। नगर के मां जागेश्वरी मंदिर, स्टेशन रोड स्थित माता मढिय़ा, कात्यायनी मंदिर, स्टेशन परिसर स्थित मंदिर, बड़ी माता मंदिर, कटरा मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों पर भीड़ रही।