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बीना में सोयाबीन पर मौसम की मार: एक एकड़ में निकल रही 2 से 4 क्विंटल तक उपज

किसानों ने कहा- उत्पादन कम होने से नहीं निकल पा रही लागत, रबी फसल की बोवनी के लिए बीज-खाद खरीदने की चिंता, बीना में पिछले वर्ष खराब हुई खरीफ का भी नहीं आया बीमा
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Weather takes a toll on soybean crops in Bina: Yields ranging from 2 to 4 quintals per acre.

मंडी में बिकने आया सोयाबीन। फोटो-पत्रिका

बीना. लंबे समय तक हुई बारिश का असर अब खरीफ फसलों पर दिखाई देने लगा है। उड़द की फसल बर्बाद होने के बाद सोयाबीन का उत्पादन भी किसानों की उम्मीद से काफी कम हुआ है। स्थिति यह है कि एक एकड़ में दो से चार क्विंटल तक ही उपज निकल रही है। इससे किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, खेत तैयार करने और कटाई पर किए गए खर्च की भरपाई करना मुश्किल हो रहा है। आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के सामने अब रबी सीजन की बोवनी के लिए बीज और खाद खरीदने की चिंता खड़ी हो गई है। किसान फसल बीमा की राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अगली फसल की तैयारी कर सकें।

मंडी में सोयाबीन बेचने पहुंचे विल्धव निवासी अरविंद पटेल ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ में सोयाबीन की बोवनी की थी। बीज करीब 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा था। मौसम की मार के कारण तीन एकड़ में महज छह क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। इतनी कम उपज से बीज, बखरनी, बोवनी, खाद, कीटनाशक और कटाई का खर्च भी नहीं निकल पाया है। उन्होंने बताया कि खेती में लागत लगाने के बाद भी अब नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बसाहरी निवासी रामभरत कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ में सोयाबीन की फसल लगाई थी, जिसमें सात क्विंटल उपज निकली है। एक एकड़ में करीब 10 हजार रुपए लागत आई थी, लेकिन कम उत्पादन के कारण खर्च की भरपाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में रबी सीजन के लिए बीज और खाद खरीदना भी मुश्किल होगा। किसानों ने सरकार से जल्द बीमा राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

सात एकड़ की उड़द में निकली सिर्फ दो बोरी उपज

बरमाइन निवासी किसान लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने सात एकड़ में उड़द की बोवनी की थी, लेकिन बारिश के कारण फसल खराब हो गई। पूरी फसल से सिर्फ दो बोरी उपज ही मिल पाई है। उनका कहना है कि कृषि विभाग ने कम बारिश की संभावना के बीच उड़द की बोवनी करने की सलाह दी थी, लेकिन बाद में लगातार हुई बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचा दिया।

सोयाबीन के दाम 6400 रुपए क्विंटल तक पहुंचे

उधर, मंडी में सोयाबीन के अधिकतम भाव 6400 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जो समर्थन मूल्य से अधिक हैं। हालांकि, उत्पादन कम होने से बढ़े हुए भाव भी किसानों के नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दाम और बढ़ेंगे, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।