
फाइल फोटो
बीना. नगर पालिका सीमा वृद्धि के लिए पिछले कई वर्षों से प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक इसपर अमल नहीं हो पा पाया है। जबकि वर्ष 2024 में दावा, आपत्तियों के बाद प्रथम गजट प्रकाशन हुआ था, लेकिन फिर अंतिम प्रकाशन नहीं हो पाया है। जबकि अंतिम प्रकाशन के बाद ही सीमा वृद्धि की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी और शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी।
नगर पालिका की सीमा वृद्धि के प्रथम गजट प्रकाशन में 23 गांवों को शामिल किया गया था। पहले इस प्रस्ताव में 22 गांव शामिल थे और बाद में मनऊ गांव के लोगों की मांग पर उसे भी शामिल किया गया था। शहर के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव इसमें शामिल किए गए हैं, जिसमें ग्राम ढुरुआ, कुरुआ, हिरनछिपा, हींगटी, गुलौआ, मुसयावदा, नौगांव, करई, नौपुरा, किर्रावदा, शब्दा, पाली, रुपउ, भिलावली, मुडिय़ा नायक, कलरावनी, कालूखेड़ी, बरदौरा, बाहरी इटावा क्षेत्र, मालखेड़ी, फुटेरा, धई बुजुर्ग और मनऊ को शामिल किया है। सीमा वृद्धि होने के बाद शहर के वार्डों की संख्या बढकऱ करीब 35 हो जाएगी, जो वर्तमान में 25 हैं। गौरतलब है कि सीमा वृद्धि को लेकर दो वर्ष पूर्व बीना आए सीएम मोहन यादव भी घोषणा कर चुके हैं, लेकिन दो साल बाद भी इस कार्य में गति नहीं आई है।
शहर के विकास में सबसे बड़ा रोडा शासकीय जमीन का न होना है और सीमा वृद्धि होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। जमीन मिलने के बाद नए निर्माण कार्य आसानी से हो सकेंगे। वर्तमान में यह स्थिति है कि जिन लोगों के पास स्वयं की जमीन नहीं है, उन्हें पीएम आवास का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। हालांकि बेलई तिराहा के पास खाली पड़ी जमीन पर आवास बनाने की तैयारी चल रही है। साथ ही 100 बिस्तर का अस्पताल अधर में है, नगर पालिका भवन निर्माण नहीं हो पा रहा है, ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य ऐसे कार्य हैं, जो जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
वर्तमान में जनगणना चल रही है और फरवरी 2027 में जनगणना पूरी होने पर आगे की कार्रवाई होगी।
राहुल कौरव, सीएमओ, बीना
Updated on:
05 Oct 2026 12:05 pm
Published on:
05 Oct 2026 12:05 pm
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