
रेलवे ट्रैक पर चलता कार्य। फोटो -पत्रिका
बीना. स्टेशन और आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने के लिए चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग कार्य का असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। प्री-नॉन इंटरलॉकिंग एवं नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते रेलवे ने 15 अक्टूबर तक 17 ट्रेन सेवाओं को निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया है।
रीवा-डॉ. आंबेडकर नगर त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 8, 11 और 13 अक्टूबर को बीना मालखेड़ी, महादेवखेड़ी, गुना, रूठियाई और मक्सी होकर चलेगी। इसके विपरीत दिशा में डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 9, 12 और 14 अक्टूबर को मक्सी, रूठियाई, गुना, महादेवखेड़ी और बीना मालखेड़ी होकर संचालित होगी। वेरावल-जबलपुर द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 10 और 12 अक्टूबर को भोपाल-इटारसी होकर, जबकि जबलपुर-वेरावल द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 9 और 12 अक्टूबर को इटारसी-भोपाल होकर चलेगी। रीवा-रानी कमलापति रीवांचल एक्सप्रेस 8 और 14 अक्टूबर को कटनी-जबलपुर-इटारसी होकर व रानी कमलापति-रीवा रीवांचल एक्सप्रेस इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर चलेगी। इसी तरह हावड़ा-भोपाल साप्ताहिक एक्सप्रेस, भोपाल-हावड़ा साप्ताहिक एक्सप्रेस, भोपाल-धनबाद त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस, धनबाद-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस, भोपाल-चोपन साप्ताहिक एक्सप्रेस, चोपन-भोपाल साप्ताहिक एक्सप्रेस, भोपाल-सिंगरौली त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस और सिंगरौली-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस को भी निर्धारित मार्ग के स्थान पर इटारसी, जबलपुर और कटनी क्षेत्र से परिवर्तित मार्ग पर चलाया जाएगा।
भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस 6 से 15 अक्टूबर तक संत हिरदाराम नगर, मक्सी, रूठियाई और कोटा होकर तथा जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस 6 से 14 अक्टूबर तक कोटा, रूठियाई, मक्सी और संत हिरदाराम नगर होकर चलेगी। वहीं जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस 8 अक्टूबर को कटनी, ओहन और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी होकर संचालित होगी।
रेलवे के अनुसार यार्ड रीमॉडलिंग पूरा होने के बाद बीना स्टेशन की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। तीसरी रेल लाइन जुड़ने से बढ़ते रेल यातायात को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि बीना गुड्स यार्ड और बीना मुख्य इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के बीच दिए जाने वाले स्लॉट की वायरिंग को नए लेआउट के अनुरूप बदला गया। इसके साथ ही गुड्स यार्ड की पूरी इंटरलॉकिंग प्रणाली की जांच एवं परीक्षण किया गया। रीमॉडलिंग कार्य के तहत गुड्स यार्ड एवं बीना मुख्य इंटरलॉकिंग के पुर्नसंयोजन की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्य से यार्ड की सिग्नलिंग एवं इंटरलॉकिंग व्यवस्था को नए लेआउट के रूप में तैयार करने में मदद मिलेगी। रेलवे के यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के तहत किए जा रहे इन तकनीकी बदलावों से भविष्य में रेल परिचालन को व्यवस्थित करके शुरू किया जा सकेगा।
Updated on:
08 Oct 2026 12:02 pm
Published on:
08 Oct 2026 12:02 pm
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