सागर

जिला अस्पताल के पीछे बनेगी करीब 80 बेड की कैंसर अस्पताल

बीएमसी प्रबंधन ने अस्पताल के लिए जरूरी स्टाफ, विशेषज्ञ और करीब 55 करोड़ रुपए की मशीनें मंगाने के लिए बजट भी मांगा है।
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Feb 04, 2025
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सीएम डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद 80 बेड की कैंसर अस्पताल बनाने के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। जिला अस्पताल के पीछे खाली जगह पर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। कैंसर अस्पताल की डीपीआर भी तैयार है। सब कुछ ठीक रहा, तो जल्द ही भवन का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। बीएमसी प्रबंधन ने अस्पताल के लिए जरूरी स्टाफ, विशेषज्ञ और करीब 55 करोड़ रुपए की मशीनें मंगाने के लिए बजट भी मांगा है। अस्पताल शुरू होने के बाद संभागभर के कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत होगी। अभी कैंसर का समुचित उपचार न होने से मरीजों को नागपुर-मुंबई तक दौड़ें लगानी पड़तीं हैं। महंगे इलाज से कई परिवारों के घर-द्वार बिक चुके हैं।
अब 6-7 नए कैंसर मरीज सामने आ रहे-
क्षेत्र की महिलाओं में ब्रेस्ट और पुरुषों में मुंह का कैंसर ज्यादा हो रहा है। चिंता की बात है कि 25-30 साल के युवा भी चपेट में हैं। सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी और पन्ना जिलों से रोज अब 6-7 नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि संभाग में सिर्फ बीएमसी में कैंसर विभाग है, लेकिन यहां भी समुचित इलाज नहीं है, विभाग में विशेषज्ञों की कमी है।
लोकल स्तर पर हो सकेंगे बड़े ऑपरेशन-
कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली टेली कोबाल्ट, लाइनर एसीलरेटर, ब्रैकीथेरेपी और सीटी सिम्युलेटर आधुनिक मशीनें न होने से मरीजों को बाहर जाकर इलाज कराना पड़ता है, हालात ये हैं कि मशीनों के अभाव में मरीजों की सिकाई भी नहीं हो पाती। कैंसर अस्पताल बनने से मरीजों के ऑपरेशन सहित तमाम इलाज लोकल स्तर पर किया जा सकेगा।
अभी सिर्फ यह उपचार
बीएमसी के कैंसर विभाग में शुरूआती स्टेज के केस, गाल-चीभ में होने वाले छालों का छोटा ऑपरेशन, कीमोथेरिपी, महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन यहां हो जाते है। कैंसर वार्ड के 25 पलंग हमेशा भरे रहते हैं। हर माह 3-4 मरीजों की लाशें वार्ड से निकलती हैं।
कैंसर मरीजों की स्थिति
30 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर
25-30 प्रतिशत माउथ कैंसर
5-10 प्रतिशत फेंफडों का कैंसर
5-10 पेट का कैंसर
मेडिकल कॉलेज में बढ़ रहे कैंसर मरीज-
2021- 3083
2022- 4540
2023- 4700
2024- 5138
जिला अस्पताल के पीछे खाली जगह पर कैंसर अस्पताल बनाने जगह चिन्हित की गई है, डीपीआर बन चुकी है। स्टाफ के पद व मशीनें मांगी हैं, टेक्नीशियन पहले से हैं। मुझे लगता है जल्द ही कार्य शुरू हो सकता है। - -डॉ. पीएस ठाकुर, डीन बीएमसी।

Updated on:
04 Feb 2025 05:04 pm
Published on:
04 Feb 2025 05:04 pm