सागर

बेसहारों के बने हमदर्द, बांटे नए कंबल

पत्रिका हमदर्द अभियान के तहत आगे आ रहे लोग

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Nov 13, 2017
humdard campaign

सागर. शहर में अब उत्तर की हवा अपना असर दिखाने लगी है। सर्दी धीरे-धीरे बढ़ रही है। सुबह-शाम तो ठंड का अहसास हो ही रहा है, देर रात कंपकंपी भी छूटने लगी है। इसका असर शहर के बाहरी इलाकों में ज्यादा महसूस किया जा रहा है। दूसरी ओर इस मौसम में कई गरीब और बेसहारा ठिठुरने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए पत्रिका के अभियान हमदर्द-आओ खुशियां बांटें से जुड़कर शहर के लोग व संस्थाएं गरीब, बेसहरा लोगों के लिए गर्म कपड़े उपलब्ध कराने आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में गत दिवस परेड मंदिर के बाहर समाजसेवी डॉ. सुरेशचंद्र रावत ने जरूरतमंत लोगों को नए कंबल वितरित किए, ताकि उन्हें ठंड से राहत मिल सके। यहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग कंबल मिलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही इन्हें कंबल दिए गए तो उनके चेहरे खिल उठे। उन्होंने पत्रिका और डॉ. रावत को धन्यवाद दिया। इस नेक कार्य की सराहना की। उनका कहना था कि आज के जमाने में समाजसेवियों द्वारा इस तरह आगे आकर मदद करना बड़ी बात है।

पत्रिका के अभियान के तहत इससे पहले भूतेश्वर मंदिर, सीताराम रसोई, आशीर्वाद आश्रय और वृद्धाश्रम में गर्म कपड़ों का वितरण किया गया है। अभियान से दिनों-दिन बड़ी संख्या में समाजसेवी जुड़ते चले जा रहे हैं। आप भी इस अभियान से जुड़कर मदद कर सकते हैं।

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इसी तरह रेलवे स्टेशन पर बेसहारा बुजुर्गों को कंबल बांटे गए। मदद देने वालों में सोनू उपाध्याय, वीरेन्द्र ठाकुर, अभय मिश्रा, बालकिशन सोनी, शिवानी दुबे, कल्पना दुबे सचिन चौरसिया और रत्नेश जडिय़ा थे। शिवानी के जन्म दिवस के मौके पर कंबल का वितरण किया गया।

इन्हें भी आपकी जरूरत
रेलवे स्टेशन, राहतगढ़ बस स्टैंड, मुख्य बस स्टैंड, शनि मंदिर, काकागंज जैन मंदिर और झुग्गी झोपडि़यों व इनके आसपसास एेसे कई बेसहरा लोग हैं, जो ठंड में बिना गर्म कपड़ों के ही रात गुजारने के लिए मजबूर हैं। आपकी मदद से इन बेसहरा लोगों को कंबल, गर्म कपड़े आदि उपलब्ध हो सकते हैं।

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Published on:
13 Nov 2017 09:26 pm
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