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आसमान के नीचे ठंड गुजारने वालों को बांटी खुशियां

समाजसेवियों ने वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों को दिए गर्म कपड़े
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सागर

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Reshu Jain

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Updated: 10 Nov 2017, 9:36 PM IST

humdard campaign

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सागर. जैसे-जैसे सर्द रातों की ठिठुरन बढ़ रही है, वैसे-वैसे आसमान के नीचे रात बिताने वालों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। दरअसल, इनके पास ठंड से राहत पाने के लिए गर्म कपड़े नहीं होते। एेसे ही जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए पत्रिका के अभियान हमदर्द-आओ खुशियां बांटें से जुड़कर कई लोग मानवता के सारथी बन रहे हैं। बेसहारा लोगों की खुशियों को बांटने के लिए व्यापारी, डॉक्टर, प्राध्यापक सहित अन्य प्रबुद्ध लोग आगे आ रहे हैं।

शुक्रवार को ऑफिसर महिला क्लब की सदस्यों ने रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से चल रहे वृद्ध आश्रम (सुभाष नगर) में लगभग 41 बुजुर्गों को ऊनी वस्त्र बांटे। क्लब की सदस्यों ने पत्रिका के अभियान की सराहना की। सदस्यों ने बुजुर्गों के बीच जाकर उनसे बातचीत की, उनका हाल जाना, रहन-सहन और खानपान की भी जानकारी ली।

परेड मंदिर के समीप बांटेंगे कपड़े
परेड मंदिर के समीप बेसहारा बुजुर्गों के लिए पत्रिका के अभियान के तहत शनिवार को गर्म कपड़े बांटे जाएंगे। समाजसेवी डॉ. सुरेशचंद्र रावत गरीबों को यहां कंबल वितरित करेंगे।

आप भी कर सकते हैं मदद
गर्मी के मौसम में हम पेड़ की छांव में बैठकर राहत ले सकते हैं। बारिश में भी छाता या किसी छत के नीचे छिपकर बच सकते हैं। लेकिन ठंड में अगर गर्म कपड़ों का सहारा न हो तो शरीर कंपकंपा जाता है। सर्दी से बचने गर्म कपड़ों का ही सहारा होता है। लेकिन हमारे आसपास ऐसे बहुत से वंचित और जरूरतमंद लोग हैं, जो पर्याप्त संसाधन नहीं होने से गर्म कपड़ों से वंचित हैं। ऐसे लोगों को आश्रय स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, झुग्गी-बस्तियों, धार्मिक स्थलों के आसपास अक्सर देखा जा सकता है। इनकी पहली प्राथमिका किसी तरह अपने और परिवार के भरण-पोषण की होती है और यही वजह है कि वे कपड़े खरीदने में असमर्थ होतेे हैं। नतीजतन ऐसे लोग सर्दियों में खुले आकाश के नीचे ठिठुरते हैं। इन्हें गर्म कपड़े उपलब्ध कराने के लिए आप भी पत्रिका के इस अभियान से जुड़ सकते हैं।