मई से यू डाइस पोर्टल बंद… जिले में 1 लाख 75 हजार से अधिक बच्चों की नहीं अपार आईडी सागर. नई शिक्षा नीति के तहत हर बच्चे की जानकारी अब यू डाइस में पूरी तरह से डिजिटल होगी। छात्र की एक ही आईडी रहेगी। जिसे लेकर छात्र-छात्रों की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट ) […]
मई से यू डाइस पोर्टल बंद... जिले में 1 लाख 75 हजार से अधिक बच्चों की नहीं अपार आईडी
सागर. नई शिक्षा नीति के तहत हर बच्चे की जानकारी अब यू डाइस में पूरी तरह से डिजिटल होगी। छात्र की एक ही आईडी रहेगी। जिसे लेकर छात्र-छात्रों की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट ) बनाई जानी थी, लेकिन मई से यू डाइस पोर्टल बंद होने से छात्र-छात्राओं की आइडी अटक गई है। वहीं अपार आइडी के बिना अब स्कूल अपने यहां छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं।
जिले के 3388 स्कूलों में 5 लाख 18 हजार 44 विद्यार्थियों की अपार आइडी बनाई जानी थी। इसमें से 1 लाख 75 हजार 887 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई ही नहीं गई। इस सत्र में नामांकन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग व बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपार आईडी जरूरी कर दी है। 9 वीं कक्षा में अपार आईडी के बगैर विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। 31 जुलाई नामांकन की अंतिम तारीख थी। स्कूलों में नामांकन नहीं मिलने से छात्र परेशान हैं।
जैन हाईस्कूल के छात्र पवन पवार ने इम्मानुअल स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन किया था लेकिन एडमिशन नहीं मिला। कक्षा 9 वीं में नामांकन के लिए अपार आईडी मांगी गई। अब बिना आइडी प्रवेश नहीं मिल रहा और आइडी बन नहीं रही। जुलाई बीत जाने पर पवन ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है।
स्कूल के प्राचार्यों का कहना है कि विभाग का नियम है कि जिस छात्र की अपार आइडी जनरेट नहीं है, उसे दाखिला ना दिया जाए। अभी पोर्टल नहीं चलने की वजह से भी अपार आइडी जनरेट नहीं कर पा रहे हैं। यदि हमने नियमानुसार प्रवेश नहीं दिया एडमिशन रद्द हो सकता है। इसलिए बच्चों को पहले बताकर हम अस्थाई प्रवेश दे रहे हैं।
मई से यू डाइस पोर्टल बंद है। पिछले शैक्षणिक सत्र में अपार आईडी बनाने के लिए कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। यू डायस पोर्टल बच्चों के नाम व जन्म तिथि अलग है। आधार कार्ड पर नाम कुछ और आ रहा है। अधूरा नाम या सरनेम नहीं आना व जन्म तिथि का भी मिलान नहीं हो पा रहा है। इस वजह से अपार आईडी बनाने में लेटलतीफी हुई।
पोर्टल फिर शुरू करने के लिए स्कूल शिक्षा आयुक्त को पत्र लिखा है। इसे जल्द शुरू करने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों की प्रवेश को लेकर परेशानी दूर की सके।
अरविंद जैन, जिला शिक्षा अधिकारी