नागेश्वर भक्त मंडल द्वारा आयोजित हो रही गणेश महापुराण कथा में पांचवें दिन कथा व्यास पंडित ऋषि महाराज ने पुण्य और पाप कर्म की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि पुण्य कमाना जीवन को सफल बनाता है। कलयुग में यज्ञ और जप करना जरूरी नहीं है, माता-पिता की सेवा करना ही पर्याप्त है।
नागेश्वर भक्त मंडल द्वारा आयोजित हो रही गणेश महापुराण कथा में पांचवें दिन कथा व्यास पंडित ऋषि महाराज ने पुण्य और पाप कर्म की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि पुण्य कमाना जीवन को सफल बनाता है। कलयुग में यज्ञ और जप करना जरूरी नहीं है, माता-पिता की सेवा करना ही पर्याप्त है। माता-पिता की सेवा करने से आशीर्वाद मिलता है। वहीं कथा व्यास ने कहा कि राजसी जीवन जीने के लिए तीन प्रकार के भगवान गणेश चिंतामन गणेश, सिद्धेश्वर गणेश और सिद्धि विनायक गणेश को एक साथ पूजना चाहिए। इसी प्रकार गणेश के 12 नाम की स्तुति करने से पितृ दोष दूर होता है। गणेश के नाम लेकर नारियल को जल में प्रवाहित करने से पितृ दोष दूर होता है। कथा में यजमान धम्मू, रानी प्रजापति, महाप्रसादी की व्यवस्था रामबाबू यादव ने की।