सागर

मां गंगा और नर्मदा की तर्ज पर 11 बड़ी आरतियों से हुई जल गंगा आरती

– चकराघाट क्षेत्र में धर्ममय हुआ माहौल सागर. लाखा बंजारा झील के तटों पर गंगा आरती की परंपरा लोगों को खूब भा रही है। झील के तट पर दूसरी बार आयोजित हुई गंगा आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड राजकुमार खत्री ने जल […]

less than 1 minute read
Aug 30, 2024

- चकराघाट क्षेत्र में धर्ममय हुआ माहौल

सागर. लाखा बंजारा झील के तटों पर गंगा आरती की परंपरा लोगों को खूब भा रही है। झील के तट पर दूसरी बार आयोजित हुई गंगा आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड राजकुमार खत्री ने जल गंगा आरती के रूप में सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत पिछले सोमवार से की थी। सावन माह के अंतिम सोमवार को महापर्व रक्षाबंधन होने के बावजूद विट्ठल नारायण मंदिर घाट पर नवग्रह छतरियों के पास आयोजित हुई जल गंगा आरती में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जनप्रतिनिधियों द्वारा सभी उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण न फैलाने, जल को प्रदूषित होने से बचाने सहित पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक हर संभव प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। गंगा और नर्मदा आरती की तर्ज पर 11 बड़ी आरतियों की श्रृंखला बनाकर आरती की गई।

रंग-बिरंगी रोशनी ने लोगों को किया आकर्षक

जल गंगा आरती के लिए सारे घाट और छतरियों को आकर्षक लाइटिंग और साजसज्जा से मनमोहक बनाया गया। झील में तैरती हुई विभिन्न नाव में से एक पर मां गंगा की सुंदर मूर्ति विराजमान थी, तो अन्य नावों में डमरूदल कलाकार और श्रद्धालुगण बैठे थे। पहली छतरी पर रमतूला एवं ढपला के कलाकारों, दूसरी छतरी पर तबला वादन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी गई। इस्कॉन के भक्तों द्वारा भजन की प्रस्तुतियां दीं गईं।

इन्होंने कहा

- विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि विशाल जनसमूह की उपस्थिति से इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है। इससे नगरवासियों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का संचार होगा।

- निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा कि गंगा आरती के प्रारंभ होने से सागर झील का वैभव बढ़ रहा है व सागर झील को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लोग संकल्पित हो रहे हैं।

Published on:
30 Aug 2024 05:56 pm
Also Read
View All

अगली खबर