मप्र विधानसभा चुनाव 2018 के फाइनल नतीजे
भार्गव ने दर्ज की जिले की ऐतिहासिक जीत
रहली. लाइव रिपोर्ट- रहलीे विस का पहला परिणाम सुबह करीब १० जैसे ही आया तो रहली में भार्गव की रणनीति सामने आ गई। पहले ही राउंड में गोपाल भार्गव ने कांग्रेस के कमलेश साहू से लगभग दो गुने ज्यादा मत हासिल किए। पहले राउंड से बढ़त का जो बढ़ा फासला भार्गव ने शुरू किया तो २६८८८ वोटों की बढ़त जीत में बदल गई। पांचवे राउंड की मतगणना शुरू होने के पूर्व कांग्रेस एजेंट ने हंगामा शुरू किया तो वह विवाद में बदल गया। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामले को संभाल लिया और हंगामा करने वाले युवक को थाने भेज दिया। भार्गव करीब सवा दस बजे मतगणना पहुंचे और पूरे समय परिसर में ही मौजूद रहे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अंदर-बाहर होते रहे।
मैं वचन देता हूं... कि जैसे पिछले चार दशक से क्षेत्र की जनता की सेवा करता आ रहा हूं, उसमें आगे भी कमी नहीं रहेगी। -गोपाल भार्गव
से तय मान रही थी।
गोपाल भार्गव
वोट मिले-93690
वोट प्रतिशत- 55.72
निकटतम प्रतिद्वंद्वी
कमलेश साहू-
वोट मिले-66802
वोट प्रतिशत-39.73
76.44 प्रतिशत -मतदान हुआ था २८ नवंबर को
शेष प्रत्याशी व नोटा
सीमारानी-1716
महेश लोधी-645
दीपचंद अहिरवाल-1101
नोटा-2013
परिणाम ने बताई प्लानिंग
र हली विस को लेकर जैसे ही कांग्रेस ने प्रत्याशी के रूप में भाजपा से बगावत करके आए कमलेश साहू को मैदान में उतारा था तो तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। कांग्रेस के गलियारों में सात बार के विधायक और भाजपा के लिए रहली को सबसे सुरक्षित सीट बनाने वाले गोपाल भार्गव को बड़ी चुनौती बताई जा रही थी लेकिन जिस हिसाब से परिणाम सामने आए उसने भार्गव की ठोस प्लानिंग की कहानी ब्यां कर दी। हालांकि वर्ष-2013 की तुलना में इस बार भार्गव को अपने क्षेत्र में एढ़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा और जीत का फासला भी लगभग आधा रह गया। भार्गव के रहली से 8वीं बार विधायक बनने के बाद बुंदेलखंड में भाजपा की सबसे ज्यादा जीत वाली सीट भी रहली विस बन गई है। जिले में इस बार भी भार्गव के नाम पर ही सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 26888 मतों से हराया।
बुंदेलखंड की यह एकमात्र सीट ऐसी थी जहां पर सबको यह देखना था कि इस बार भार्गव की जीत कितने मतों से होगी। क्योंकि उनकी जीत कांग्रेस भी पहले