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णमोकार तीर्थ में केवल पंचकल्याणक महोत्सव नहीं बल्कि जैन समाज का कुंभ है : विधायक

बुंदेलखंड गुरु भक्त परिवार के सदस्यों ने सोमवार को विधायक शैलेंद्र जैन से भेंट कर उन्हें 6 से 25 फरवरी तक णमोकार तीर्थ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याण प्राणप्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव की आमंत्रण पत्र भेंट किया। पावन रामटेकडी (मालसाने) की लगभग 12 हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक भूमि पर 27 एकड़ में फैला यह विशाल तीर्थ […]

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Jan 20, 2026

बुंदेलखंड गुरु भक्त परिवार के सदस्यों ने सोमवार को विधायक शैलेंद्र जैन से भेंट कर उन्हें 6 से 25 फरवरी तक णमोकार तीर्थ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याण प्राणप्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव की आमंत्रण पत्र भेंट किया। पावन रामटेकडी (मालसाने) की लगभग 12 हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक भूमि पर 27 एकड़ में फैला यह विशाल तीर्थ बन रहा है। 2014 में शुरू हुआ निर्माण कार्य अब अपने जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव के लिए तैयार हो गया है। इस क्षेत्र में बने 108 फीट ऊंचे समवशरण जो 5.5 एकड़ में फैला है। समवशरण में त्रिकाल चौबीसी, सहस्रकूट जिनालय और 24 तीर्थंकर जिनालय स्थापित होंगे। इस महोत्सव में 3000 से अधिक जिनबिंब प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा संपन्न होगी। विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि अब वह ऐतिहासिक क्षण आ गया है, जब गुरुदेव का संकल्प णमोकार तीर्थ के रूप में साकार हो रहा है। यह तीर्थ आने वाली पीढिय़ों के लिए आस्था और संस्कारों का केंद्र बनेगा। 400 से अधिक श्रमण संस्कृति के साधु-साध्वी के सानिध्य में आयोजित यह आयोजन मात्र एक पंचकल्याणक महोत्सव नहीं, बल्कि जैन समाज के 'कुम्भ' के समान है। जिले के शाहगढ़ की माटी से निकलकर देश के कोने-कोने में धर्म की ध्वजा फहराने वाले आचार्य देवनंदी की त्याग और तपस्या इस तीर्थ के कण-कण में समाहित है। श्रीकांत जैन ने बताया कि इस अवसर पर सेठ प्रवीण जैन "दादा", जय कुमार जैन, श्रीयांश जैन, राकेश गोदरे, आशुतोष पराग बजाज, देवेंद्र फुसकेले, विपिन जैन व इंजी संजीव जैन आदि मौजूद रहे।

Published on:
20 Jan 2026 05:00 pm
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