
Negligence alleged in pregnant woman's death
गर्भवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इनका कहना था कि महिला बाइक पर आई और चलते हुए अस्पताल में गई थी। इस मामले में डॉक्टर का कहना है कि ब्लीडिंग होने पर महिला को लाया गया था। उसने गुटखा खा रखा था। खांसी आने पर गुटखे के कण लंग्स में चले गए। इससे तबीयत बिगड़ गई और फिर हार्ट ने भी काम करना बंद कर दिया। रेफर करने से पहले मौत हो गई। हंगामा की सूचना पुलिस को दी गई, जहां मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझाइश देकर स्थिति संभाली और जांच का आश्वासन दिया।
रहली निवासी 28 वर्षीय विद्या राय डेढ़ माह की गर्भवती थी। उसे कुछ दिनों से ब्लीडिंग हो रही थी। परिजन उसे दमोह ले गए, फिर सागर के अस्पताल में लाए। आखिर में सेवा हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे। यहां सोनोग्राफी रिपोर्ट में उसके गर्भपात (मिस कैरेज) हो गया है। भ्रूण का कुछ हिस्सा बच्चेदानी में रह जाने पर उसकी सफाई (डाइलेशन और क्यूरेटेज) कराने की सलाह दी गई। दंपती की रजामंदी पर इलाज शुरू किया गया। इसी दौरान हालत बिगड़ गई। वेंटिलेटर की जरूरत होने पर उसे रेफर किया जा रहा था, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
महिला के परिजन पुष्पेंद्र राय ने बताया कि विद्या स्वस्थ थी और बाइक से सागर आई थी। इलाज के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। डॉक्टर ने लापरवाही की है ओर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। महिला के तीन बच्चे 5 वर्ष, 3 वर्ष और 2 वर्ष की उम्र के हैं। परिजन के आरोप के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया है। गर्भपात की दवा खाने और मौत की वजह सामने आएगी। इसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
डॉ. निधि मिश्रा ने बताया कि विद्या ने गर्भपात की दवाई खाई थी, इसके बाद भ्रूण के कुछ अंश रह जाने से रक्तस्राव हो रहा था। इलाज के दौरान महिला गुटखा खाए हुए थी। खांसी आने पर उसके कण फेफड़े में फंस गए और पानी भर गया था। एक बार उसका हार्ट बीच में रुक गया तो सीपीआर दिया। वेंटिलेटर की सुविधा वाले अस्पताल भेजा जा रहा था कि उसका हार्ट फिर रुक गया। परिजन के आरोप के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया है। गर्भपात की दवा खाने और मौत की वजह सामने आएगी। इसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।