अब आर-पार की लड़ाई में उतरे हड़ताली
सागर. नियमितिकरण की मांग को लेकर बीते नो दिनों से बेमियादी हड़ताल पर बैठे संविदाकर्मियों ने शुक्रवार को रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिलेभर से मुख्यालय पर एकत्रित हुए संविदाकर्मियों ने पीली कोठी स्थित धरना स्थल से वाहन रैली की शुरूआत की जो बस स्टैंड, परकोटा, तीन बत्ती, कटरा बाजार, नमकमंडी, बस स्टैंड से वापस होते हुए गोपालगंज से होकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंची। यहां पर वाहनों के साथ पहुंची रैली में शामिल संविदाकर्मियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के जिला संयोजक प्रद्मुम्न छिरोलिया ने बताया कि ये आरपार की लड़ाई है। अब या तो नियमितीकरण के लिखित आदेश जारी किए जाए या फिर सरकार ही संविदा समाप्त करे। प्रशासन द्वारा गुरुवार को जारी किए गए नोटिस में चेतावनी दी थी कि यदि संविदाकर्मी काम पर नहीं लौटे तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी। लेकिन इसका असर नहीं हुआ। संविदाकर्मियों की हड़ताल में संख्या और बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्र में भी संविदाकर्मियों ने जनसंपर्क शुरू कर जनता को सरकार की वादा खिलाफी के बारे में प्रचार किया जा रहा है। कृषि विकास विस्तार अधिकारी संघ के पदाधिकारियों द्वारा शुक्रवार को मंच में पर पहुंचकर संविदा मुक्त प्रदेश की मुहिम को जायज बताते हुए समर्थन दिया। इसके बाद मप्र जिला-जनपद पंचायत संघ प्रदेशाध्यक्ष द्वारा भी मुख्यमंत्री को लिखित रूप से संविदा मांग के समर्थन में पत्र भेजा गया। जिसकी प्रति जिला पंचायत अधीक्षक भीम सिंह पटेल द्वारा सौंपी गई।
फंदा बनाया और उस पर झूलकर जताया विरोध
सागर. संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की बेमियादी हड़ताल के 33वें दिन भी अनूठे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। शुक्रवार को शहीद दिवस के उपलक्ष्य में संविदाकर्मियों ने धरना स्थल पर ही फांसी के फंदा लगाकर झूलकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की शहादत के दिन हमारा संदेश यही है कि प्रदेश की जनता यह जाने के सरकार संविदा के नाम पर कर्मचारियों का किस तरह से शोषण कर रही है। कर्मचारी किस तरह अपनी हक की लड़ाई लड रहे हैं। संघ के प्रदेश उपाध्?यक्ष अमिताभ चौबे ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के 33वें दिन होने के बाद भी सरकार बात करना नहीं चाह रही है।