मसीही समुदाय ने शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर्व मनाया। गिरजाघरों में प्रभु यीशु को निर्दोष होने के बाद भी दोषी सिद्ध कर क्रूस पर चढ़ाएं जाने के दौरान कही गई अंतिम सात वाणियों पर मनन किया गया। इसके बाद शाम को कैथोलिक समुदाय के लोगों ने क्रूस यात्रा निकाली और प्रभु यीशु के दुख का […]
मसीही समुदाय ने शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर्व मनाया। गिरजाघरों में प्रभु यीशु को निर्दोष होने के बाद भी दोषी सिद्ध कर क्रूस पर चढ़ाएं जाने के दौरान कही गई अंतिम सात वाणियों पर मनन किया गया। इसके बाद शाम को कैथोलिक समुदाय के लोगों ने क्रूस यात्रा निकाली और प्रभु यीशु के दुख का अनुभव करने की परंपरा निभाई। ज्योति भवन चर्च में फादर एलेक्स की अगुवाई में प्रार्थना सभा व क्रूस जुलूस निकाला गया। प्रार्थना सभा 3 बजे से शुरू हुई। ईसा मसीह के दु:खभोग, सिर पर कांटों का मुकुट चढ़ाने, रोमन सिपाहियों ने कोड़ो से मारने, क्रूस लेकर गोलगोथा पहाडी़ तक ले जाने व क्रूस पर ठोके जाने का वृतांत एड. जेम्स, फादर जोशी व नील कुसुम ने सुनाया।
फादर रोजन ने ईशा मसीह को क्रूस पर चढ़ाएं जाने का संदेश देकर बताया कि सदियों पहले ईश्वर ने बाईबल के स्त्रोत ग्रंथ के बताया कि ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ाया जाएगा, दफनाया जाएगा और तीसरे दिन जी उठेंगे। ईसा मसीह प्रेम, त्याग, बलिदान, जीवन उद्धार, सच्चाई, मृत्यु पर विजय व सारी मानव जाति को नया जीवन देने वाले हैं। जुलूस में लगभग 350 लोग उपस्थित हुए। फादर एजेक्स, फादर पॉल व फादर जेम्स की उपस्थिति में निकला। वहीं सेंट टेरेसा चर्च में विशप जेम्स की अगुवाई में फादर जोसली के निर्देशन में फादर साबू, फादर गिरीश व फादर निक्सन ने निकाला। श्यामपुरा चर्च में फादर अजो ने प्रार्थना सभा कराई।
सेंट पॉल ईएल चर्च में प्रभु यीशु मसीह की कही गई अंतिम सात वाणियों पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक मनन किया गया। रेव्हरेंड जयंत सिंह मैथ्यूज ने कहा कि गुड फ्राइडे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढऩे और मृत्यु की याद में मनाया जाता है जिसे मानवता के पापों के प्रायश्चित के लिए किया गया अंतिम स्वैच्छिक बलिदान माना जाता है। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ईश्वर के प्रेम, भविष्यवाणी की पूर्ति, पाप पर विजय और मुक्ति तथा शाश्वत जीवन के मार्ग का प्रतीक है। प्रभु यीशु जिन्हें ईश्वर का निष्पाप पुत्र माना जाता है, ने मानवता के पापों को अपने ऊपर ले लिया और उनके स्थान पर अपनी जान दे दी। इस प्रकार प्रभु यीशु ने मृत्यु और पाप के बंधनों को तोड़ दिया।