
रहली. दमोह लोकसभा क्षेत्र एवं देवरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम अनंतपुरा मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जिससे यहां के ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पडृ रहा है। गौरतलब है कि यह वही ग्राम में जहां वर्ष 1933 में राष्ट्रपिता महत्मा गांधी आजादी की अलख जगाने आए थे। यहां के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है। जिस चबूतरे से महात्मा गांधी ने ग्रामीणों को संबोधित किया था वह भी जर्जर हो गया है। ग्रामीणों की मांग है कि अनंतपुरा ग्राम ककरी, सिमरिया, हर्राखेड़ा तहसील मुख्यालय पक्की सड़क मोकला मार्ग से जोडऩा, हायर सेकेंडरी स्कूल, गांधी जी की प्रतिमा चबूतरे पर स्थापित एवं गांव में बिक रही अवैध पर अंकुश लगाने सहित अन्य मांगे शामिल हैं। अनशन पर बैठने वालों में सोनू, कमलू, विजेन्द्र घोषी, दरयाव ठाकुर, मुकेश कुर्मी, मनीष बिहारी प्रमोद, कैलाश, अनंदी कुर्मी, संतोष, भगवानदास विश्वकर्मा, राम सिंह सहित अनेक ग्रामीण शामिल हैं।
ग्रामीणों द्वारा विगत वर्ष भी अनशन किया गया था। जिसे आश्वासन के बाद भी खत्म कराया गया था लेकिन अभी तक ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं की गई। जिसके वह फिर से धरने पर बैठ गए हैं।
कांग्रेस के कार्यकर्ता-पदाधिकारी पहुंचे कमिश्नर कार्यालय
मिला आश्वासन, जल्द होगी कार्रवाई
रहली. एक सप्ताह पूर्व एक्सीलेंस स्कूल में डीएलएड की परीक्षा के दौरान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी/परीक्षा केन्द्र प्रभारी द्वारा परीक्षा के नियमों को ताक पर रखकर पुत्र व रिश्तेदार को नकल कराए जाने का मामला सामने आया था। पूरे मामले की जांच कर तहसीलदार द्वारा प्रतिवेदन उच्चाधिकारियों को सौंप दिया था। इसके बाद भी उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि कांग्रेस द्वारा मामला उजागार होने के बाद से ही बीइओ के निलंबन की मांग की जा रही है। लेकिन प्रशासन द्वारा एक सप्ताह बीतने के बाद कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। जिससे नाराज ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला कांग्रेस अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत के साथ कमिश्नर मनोहर लाल दुबे के कार्यलय पहुचें एवं पूरे मामले के संबंध में चर्चा की एवं कार्रवाही में हो रही लेटलतीफी की शिकायत कर बीईओ के खिलाफ एफआइआर व निलंबन करने की मांग की। उन्होंने तीन में कार्रवाई न होने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं पर गढ़ाकोटा थाने में दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग ज्ञापन सौंपकर की। इस अवसर पूर्व नपाध्यक्ष सौरभ हजारी, जीवन पटैल, बलराम साहू, अधिवक्ता बीडी पटैल पटनाबुर्जुग, आजाद खान, मुकेश पटैल, संतोष कुमार, सीताराम आदि मौजूद थे।