
Bina News : मानसून के दौरान कई बार बाढ़, जलभराव या भारी बारिश जैसी परिस्थितियों के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में रेल प्रबंधन द्वारा कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करना पड़ता है। ऐसे मामलों में यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये आता है कि, आखिर उनके टिकट का पैसा वापस मिलेगा भी या नहीं? मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना जंक्शन से प्राप्त रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर रेलवे की ओर से ट्रेन पूरी तरह रद्द कर दी जाती है तो यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा टिकट रिफंड कर दिया जाता है।
ऐसे में अगर यात्री ने आईआरसीटीसी के माध्यम से ई - टिकट बुक कराया होता है और ट्रेन पूरी तरह रद्द हो जाती है तो टिकट का पूरा किराया वापस कर दिया जाता है। इस स्थिति में किसी प्रकार का कैंसिलेशन चार्ज रेलवे द्वारा नहीं काटा जाता है। साथ ही, यात्रियों को अलग से टीडीआर दाखिल करने की आवश्यक्ता भी नहीं होती है। टिकट रिफंड की प्रक्रिया दौबारा से शुरू होकर टिकट की राशि उसी बैंक खाते या भुगतान माध्यम में भेज दी जाती है, जिससे टिकट बुक किया गया था।
वहीं, दूसरी तरफ रेलवे के पीआरएस काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को रिफंड प्राप्त करने के लिए निर्धारित समय-सीमा के अंदर संबंधित रेलवे आरक्षण काउंटर पर आकर अपना टिकट जमा करना होता है। रेलवे की नियमों के अनुसार, प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूरा टिकट रिफंड कर दिया जाता है।
अगर रेलवे की ओर से निर्धारित समय के बाद भी टिकट रिफंड की राशि वापस नहीं मिल पाती है तो यात्री अपनी शिकायत रेल मदद प्लेटफॉर्म या आईआरसीटीसी ग्राहक सहायता केंद्र के माध्यम से दर्ज भी करा सकते हैं। इसके अलावा, रेलवे की हेल्पलाइन नंबर - 139 पर संपर्क कर इस संबंध में सहायता ली जा सकती है। रेलवे की ओर से रेल मदद की वेबसाइट के साथ साथ मोबाइल एप के माध्यम से भी आपको अपनी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।