जिले से निकले नेशनल व स्टेट हाइवे से गुजरने वाले वाहन चालक हर माह 6 करोड़ रुपए से ज्यादा टोल टैक्स के रूप में चुका रहे हैं। इसके बाद भी हाइवे के ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने पर
सागर. जिले से निकले नेशनल व स्टेट हाइवे से गुजरने वाले वाहन चालक हर माह 6 करोड़ रुपए से ज्यादा टोल टैक्स के रूप में चुका रहे हैं। इसके बाद भी हाइवे के ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने पर ध्यान नहीं है, अंधे मोड़ों की भरमार है। इतना ही नहीं सड़कों की मरम्मत भी समय पर नहीं की जा रही है। इन खामियों के चलते जिले में हर साल 1800 से ज्यादा सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें 500 से ज्यादा लोग जान गंवा रहे हैं।
दरअसल जिले से निकले टोल टैक्स वाले 4 नेशनल हाइवे व 3 स्टेट हाइवे से हर रोज 9 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इसमें कार, एलसीवी, बस, ट्रक, थ्री एक्सेल व मल्टी एक्सेल आदि शामिल हैं। टोल प्लाजा पर हर दिन औसत 20 लाख रुपए से ज्यादा टोल टैक्स लिया जा रहा है। इस हिसाब से महीने में 6 करोड़ रुपए तो साल भर में यह राशि 72 करोड़ रुपए से ज्यादा होती है।
झांसी-लखनादौन राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का करीब 170 किलोमीटर लंबा हिस्सा सागर जिला की सीमा में आता है। इस फोरलेन सड़क के मध्यप्रदेश की सीमा में आने वाले हिस्से में गड्ढे हैं तो कई ब्लैक स्पॉट भी हैं। वहीं मालथौन के बाद जैसे ही फोरलेन का उत्तरप्रदेश का हिस्सा शुरू होता है तो सड़कें बेहतर हैं।
- सागर-भोपाल मार्ग पर सीहोरा-राहतगढ़ के बीच।
- सागर - बीना मार्ग पर किशनपुरा गांव के पास।
- सागर - ललितपुर फोरलेन पर मालथौन के पास।
- सागर से नरसिंहपुर फोरलेन पर चितौरा गांव के पास।
- सागर-दमोह मार्ग पर सिद्गुंवा के पास।
- सागर-जबलपुर वाया रहली मार्ग पर टिकिटौरिया के पास।
- सागर-सिलवानी रोड पर मैनपानी गांव के पास।
वाहन, पहले, अब
कार, 85, 85
एलसीवी, 135, 140
बस-ट्रक, 285, 295
मल्टी एक्शल, 445, 465
ओवर राइज, 545, 565
स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स बढऩे की अभी कोई सूचना नहीं है। पुराने कुछ ब्लैक स्पॉट को समाप्त कर दिया गया था। अब जो नए सामने आएंगे, उनको लेकर सेफ्टी ऑडिट कराकर काम करेंगे।
एनके वार्वे, जीएम, एमपीआरडीसी
कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनको लेकर साइनेज बोर्ड लगा दिए हैं, मोड़ पर झाडिय़ों को कटवाने का काम भी जल्द कर दिया जाएगा। बाकी जो ब्लैक स्पॉट व अंधे मोड़ हैं वह मार्ग के फोरलेन के रूप में विकसित होने पर समाप्त हो जाएंगे।
शिवराज मीणा, मैनेजर, एनएचएआई