
Bina PG College Principal Controversy: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना में शासकीय पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया पर प्रभारी मुख्य लिपिक ने घर में घुसकर गाली-गलौज करने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी और एसडीओपी से शिकायत की है। साथ ही एक अतिथि विद्वान ने भी प्राचार्य की शिकायत अतिरिक्त संचालक से कर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया पर मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है। लिपिक के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का एक फुटेज भी सामने आया है जिसमें प्राचार्य अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौच करते दिखाई और सुनाई दे रही हैं।
प्रभारी लिपिक अनीता रोहित ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि प्राचार्य द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी वार्ड में उन्होंने अतिथि विद्वान जितेन्द्र खांडेराव के साथ आधा-आधा मकान खरीदा है, जहां प्राचार्य उनके घर में घुसकर झगड़ा करती हैं। तबीयत खराब होने के कारण वह मंगलवार को अस्पताल में इलाज कराने गई थीं और छुट्टी पर थीं। सुबह 11.30 बजे प्राचार्य घर में जबरन घुस रही थीं और जब मना किया तो गाली-गलौज करते हुए झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी है। लेडी प्रिंसिपल की पूरी हरकत घर के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हुई है।
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लिपिक अनीता रोहित ने प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया पर आरोप लगाया है कि प्राचार्य उनके घर पर कब्जा करना चाहती हैं। प्राचार्य ने सीआर खराब करने की धमकी दी है और प्रशासनिक प्रक्रिया में फंसाने की भी धमकी दी जा रही है। साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भेजकर घर की निगरानी कराई जा रही है और गुंडा बुलाकर मकान खाली कराने की बात कहती हैं। महिला कर्मचारी ने जान का खतरा भी बताया है और इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। प्राचार्य द्वारा गाली-गलौज करने पर महिला कर्मचारी पीछे के दरवाजे से छोटी बजरिया पुलिस चौकी पहुंची थीं और चौकी प्रभारी आरके जोरम को पूरा घटनाक्रम बताया और फिर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
वहीं, अतिथि विद्वान जितेन्द्र खांडेराव ने अतिरिक्त संचालक से शिकायत कर प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ित करने और मकान खाली कराने का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। ऐसा न करने पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के महिला व पुरुष कर्मचारियों से भी झूठी शिकायत कराने की धमकी दी जा रही है। साथ ही अभद्रता की जाती है। प्राचार्य की धमकी से वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अतिथि विद्वान ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सुरक्षा देने और प्राचार्य पर कार्रवाई करने की मांग की है।
सीसीटीवी में भले ही प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया की अमर्यादित भाषा साफ सुनाई दे रही है लेकिन वो इस बात से साफ इंकार कर रही हैं। अपने ऊपर लग रहे आरोपों को नकारते हुए प्राचार्य ने कहा है- लिपिक के फोन न उठाने पर वह उनके घर गईं थीं, क्योंकि जरूरी काम था। अतिथि विद्वान पढ़ाई कराने की जगह लिपिक के कार्यालय में बैठते थे, जिससे उन्हें अपने विभाग में जाकर पढ़ाने के लिए कहा गया था, जिससे झूठे आरोप लगवाए जा रहे हैं। मेरे द्वारा न अभद्रता की गई है और न ही मकान खाली कराने का कोई दबाव बनाया गया है।