सागर. राहतगढ़ की सेमराहाट ग्राम पंचायत में 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डकारने पर तत्कालीन सरपंच, सचिव, उपयंत्री और सहायक यंत्री पर जिला पंचायत ने वसूली आदेश जारी किए हैं। विगत पंचवर्षीय में 16 निर्माण कार्यों को किए बगैर राशि निकालने के बाद से ही यह मामला चर्चाओं में बना हुआ था। पुराने […]
सागर. राहतगढ़ की सेमराहाट ग्राम पंचायत में 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डकारने पर तत्कालीन सरपंच, सचिव, उपयंत्री और सहायक यंत्री पर जिला पंचायत ने वसूली आदेश जारी किए हैं। विगत पंचवर्षीय में 16 निर्माण कार्यों को किए बगैर राशि निकालने के बाद से ही यह मामला चर्चाओं में बना हुआ था। पुराने कार्यों में भ्रष्टाचार होने के बाद से ही गांव में अन्य विकास कार्य स्वीकृत नहीं हो रहे थे। शिकायतों के बाद एक के बाद एक कई जांचें हुईं, जिसमें 10 दिसंबर 2022 को जनपद राहतगढ़ के तत्कालीन एसडीओ सुरेंद्र दांगी ने इस मामले में जांच कर रिपोर्ट जनपद सीइओ को सौंपी थी जिसमें भ्रष्टाचार की पुष्टि की गई। 7 अप्रेल 2023 को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री राजेंद्र गाठी और जिला पंचायत के जिला लेखाधिकारी आशीष वर्मा ने जांच प्रतिवेदन सौंपकर 17 में से 16 कार्यों में भ्रष्टाचार की पुष्टि कर उक्त राशि आरोपियों से वसूलने योग्य बताया और अंतत: दोषियों पर वसूली आदेश जारी किए गए।
जांच में यह पाया गया
यह था मामला-
सेमराहाट ग्राम पंचायत की वर्तमान सरपंच राधा ठाकुर जब चुनाव जीतकर आईं तो उन्हें पता चला कि पूर्व सरपंच श्यामरानी अहिरवार और उनके पुत्र ने सचिव से पासवर्ड आइडी लेकर पीएम आवास में लाखों का फर्जीवाड़ा किया। 16 ऐसे बड़े कार्यों की राशि निकाल ली जो कि गांव में हुए ही नहीं हैं। केवल निर्माण कार्यों में ही 1 करोड़ 44 लाख का गबन हुआ है। शिकायत पर एक के बाद एक कई जांचें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। जांच के समय निर्माण एजेंसी द्वारा कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। दस्तावेज के संबंध में रेकार्ड चोरी की एफआइआर दर्ज भी कराई गई।
इनसे होगी वसूली: सरपंच श्यामरानी अहिरवार, सचिव प्रमोद साहू, उपयंत्री कंचन चौधरी, उपयंत्री जीशान कुरैशी, सहायक यंत्री एसके प्रजापति, सहायक यंत्री राजेश्वर सूर्यवंशी। सभी पूर्व में सेमराहाट में पदस्थ रहे हैं।
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