28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कलेक्टर का बड़ा एक्शन, ‘ऑन द स्पॉट’ पटवारी निलंबित, प्रभारी तहसीलदार को नोटिस

mp news: सरकारी काम में लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना करने पर कलेक्टर ने लिया बड़ा एक्शन।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सागर

•

image

Shailendra Sharma

•

Updated: 27 Jan 2026, 10:16 PM IST

Collector Sandeep G.R.

Collector Sandeep G R big action suspends patwari issues notice to tehsildar (सोर्स-सागर कलेक्टर फेसबुक पेज)

mp news: मध्यप्रदेश के सागर में कलेक्टर संदीप जी आर ने शाहगढ़ क्षेत्र के दौरे के दौरान शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना करने पर बड़ा एक्शन लिया। कलेक्टर संदीप जी आर ने ऑन द स्पॉट एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया साथ ही इसी मामले में प्रभारी तहसीलदार को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर जवाब तलब किया है।

अवैध कब्जे के मामले में पटवारी सस्पेंड

शाहगढ़ निवासी आवेदक संदीप कुमार जैन ने शाहगढ़ दौरे के दौरान कलेक्टर संदीप जी आर को बताया कि उसकी कृषि भूमि (खसरा नंबर 146/1/2) पर अवैध कब्जे से जुड़ा एक प्रकरण था। 12 जुलाई 2024 को आवेदक के पक्ष में सीमांकन और कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया गया था, जिसकी पुष्टि 22 जुलाई 2025 को अपील के निर्णय में भी हुई थी। इसके बावजूद मैदानी अमले द्वारा आवेदक को भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया गया। इस शिकायत पर कलेक्टर ने तुरंत पटवारी मौन सिंह गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। पटवारी पर आरोप है कि उन्होंने आदेश के बावजूद आवेदक को भूमि का कब्जा दिलाने में रुचि नहीं ली।

पटवारी के बाद तहसीलदार को थमाया नोटिस

इसी मामले में लापरवाही बरतने पर प्रभारी तहसीलदार शाहगढ़ ज्ञानचंद राय को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने नोटिस में उल्लेख किया कि सिविल जेल की कार्रवाई प्रस्तावित करने के बजाय तहसीलदार द्वारा प्रकरण में कोई वैधानिक कदम नहीं उठाया गया, जो पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता है। उन्हें 3 फरवरी 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर संदीप जी आर ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का निराकरण शासन की पहली प्राथमिकता है। आदेशों के पालन में देरी या लापरवाही करने वाले किसी भी कर्मचारी-अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।